सावन शिवरात्रि से पहले नोएडा से जेवर तक रूट डायवर्ट… NH91 समेत ये रास्ते हुए वनवे, निकलने से पहले देखें ट्रैफिक प्लान

सावन शिवरात्रि से पहले नोएडा से जेवर तक रूट डायवर्ट… NH91 समेत ये रास्ते हुए वनवे, निकलने से पहले देखें ट्रैफिक प्लान

Noida News: महाशिवरात्रि के पावन पर्व से ठीक पहले कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. लाखों शिवभक्त हरिद्वार और विभिन्न गंगा घाटों से पवित्र गंगाजल लेकर अपनेअपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए गौतम बुद्ध नगर पुलिस व जिला प्रशासन ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में ट्रैफिक तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। NH91 से लेकर दादरी, ग्रेटर नोएडा, हल्द्वानी मोड़, जलपुरा, दनकौर और जेवर तक के प्रमुख मार्गों को वनवे कर दिया गया है ताकि कांवड़ियों को जलाभिषेक के लिए आवागमन में कोई असुविधा न हो.

सावन शिवरात्रि से पहले नोएडा से जेवर तक रूट डायवर्ट… NH91 समेत ये रास्ते हुए वनवे, निकलने से पहले देखें ट्रैफिक प्लान

श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने यातायात का नया रूट प्लान जारी किया है. गाजियाबाद के लाल कुआं से दादरी, ग्रेटर नोएडा , जलपुरा गांव, दनकौर और जेवर मार्ग पर वाहनों का संचालन पूरी तरह डायवर्ट कर दिया गया है. कांवड़ मार्गों पर भारी कमर्शियल वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है. प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, ट्रैफिक कर्मी और स्वयंसेवक 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

जगहजगह लगे सेवा शिविर, गूंज रहे भक्ति के जयकारे

कांवड़ यात्रा मार्ग पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से दर्जनों सेवा शिविर लगाए गए हैं. इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए, निशुल्क भोजन, भंडारे की व्यवस्था, ठंडा पेयजल, शरबत, दूध, फल और चाय, विश्राम के लिए वाटरप्रूफ टेंट, प्राथमिक चिकित्सा, एम्बुलेंस और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था की गई है. दिनरात सेवादार शिवभक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं, जिससे पूरा वातावरण ‘बमबम भोले’ और ‘हरहर महादेव’ के जयकारों से भक्तिमय हो गया है.

मंदिरों में जलाभिषेक की विशेष तैयारी, प्रशासन की अपील

महाशिवरात्रि के अवसर पर जिले के प्रमुख शिवालयों में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास के अलगअलग रास्ते बनाए गए हैं. इसके अलावा पूरे मंदिर परिसरों में बैरिकेडिंग और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है. साफसफाई, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है.

जिला प्रशासन और पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कांवड़ मार्ग के बजाय वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें और अनावश्यक रूप से वाहन न निकालें. वहीं, श्रद्धालुओं से ट्रैफिक नियमों और अनुशासन का पालन करने की बात कही गई है.

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