Lucknow Power Cut: लखनऊ में रोज 34 घंटे बिजली गुल, 4 लाख से ज्यादा उपभोक्ता परेशान

Lucknow Power Cut: लखनऊ में रोज 34 घंटे बिजली गुल, 4 लाख से ज्यादा उपभोक्ता परेशान
Lucknow Power Cut: लखनऊ में रोज 34 घंटे बिजली गुल, 4 लाख से ज्यादा उपभोक्ता परेशान

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में बिजली कटौती ने लाखों उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई इलाकों में रोजाना दो से पांच घंटे तक बिजली गुल हो रही है। इससे चार लाख से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में रोज तीन घंटे से ज्यादा समय तक बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की बात सामने आई है। उपभोक्ता बिजली उपकेंद्रों से लेकर टोल फ्री नंबर तक शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन कई मामलों में कटौती की वजह की जानकारी नहीं मिल रही है।

राजधानी में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 15 लाख से अधिक है। वहीं, पिछले पांच वर्षों से आरडीएसएस योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था के अनुरक्षण और सुधार का काम किया जा रहा है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा कटौती

महानगर, अलीगंज, पुरनिया, जानकीपुरम, निशातगंज, गोमतीनगर विस्तार, इंदिरानगर, मेंहदी टोला, चौधरी टोला, पांडे टोला, सरोजनीनगर, आशियाना, आलमबाग और चारबाग समेत कई इलाकों में रोजाना बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

उपभोक्ताओं के मुताबिक, दिन में कई बार बिजली जाने से घरेलू कामकाज के साथ कारोबार और अन्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

रोजाना बिजली कटौती का हाल
क्षेत्र कटौती
महानगर 3 घंटे
अलीगंज 24 घंटे
गोमतीनगर विस्तार 23 घंटे
इंदिरानगर 23 घंटे
चिनहट 34 घंटे
पुरनिया 2 घंटे
फैजुल्लागंज 23 घंटे
निशातगंज 3 घंटे
चौधरी टोला 12 घंटे
मेंहदी टोला 12 घंटे
पांडे टोला 12 घंटे
आलमबाग 23 घंटे
आशियाना 23 घंटे
सरोजनीनगर 45 घंटे
चारबाग के आसपास 34 घंटे
उपकेंद्रों से टोल फ्री नंबर तक शिकायतें

बिजली कटौती से परेशान उपभोक्ता संबंधित बिजली उपकेंद्रों और टोल फ्री नंबर पर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। आरोप है कि शिकायत के बावजूद कई उपभोक्ताओं को बिजली जाने का कारण स्पष्ट नहीं बताया जाता।

इस बीच बिजली कटौती की सूचना कंट्रोल रूम को भी नहीं दिए जाने की बात सामने आई है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की वास्तविक वजह और स्थिति की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

अनुरक्षण कार्य के चलते कई जगह आपूर्ति प्रभावित

जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह के मुताबिक, कई क्षेत्रों में अनुरक्षण कार्य अभी पूरी तरह पूरा नहीं हो पाया है। कुछ जगहों पर काम अभी भी चल रहा है।

उन्होंने कहा कि अनुरक्षण कार्य पूरा होने के बाद भी किसी फॉल्ट की संभावना को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। हालांकि, कोशिश यह है कि काम पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर संबंधित क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायत मिलती है तो इसकी जानकारी कर जिम्मेदार कर्मचारियों को नोटिस दिया जाएगा।

पांच साल से चल रहा आरडीएसएस के तहत काम

राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों से आरडीएसएस योजना के तहत बिजली व्यवस्था के अनुरक्षण और सुधार से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में लगातार बिजली कटौती से उपभोक्ताओं की परेशानी बनी हुई है।

अब देखना होगा कि अनुरक्षण कार्य पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति कितनी स्थिर होती है और रोजाना होने वाली कटौती से उपभोक्ताओं को कब तक राहत मिलती है।

ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।

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