UP News : विधायक राजेश्वर सिंह ने CM योगी और केंद्र को भेजा पांच सूत्री रोजगार प्लान, हर महीने कौशल एवं रोजगार मेला कराने की मांग

UP News : विधायक राजेश्वर सिंह ने CM योगी और केंद्र को भेजा पांच सूत्री रोजगार प्लान, हर महीने कौशल एवं रोजगार मेला कराने की मांग
UP News : विधायक राजेश्वर सिंह ने CM योगी और केंद्र को भेजा पांच सूत्री रोजगार प्लान, हर महीने कौशल एवं रोजगार मेला कराने की मांग

लखनऊ/दिल्ली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के सरोजिनी नगर से भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखा है। चार पन्नों के पत्र में उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए पांच सूत्री कार्ययोजना लागू करने का सुझाव दिया है।

हर महीने कौशल एवं रोजगार मेला कराने का प्रस्ताव

राजेश्वर सिंह ने प्रस्ताव दिया कि कम से कम छह महीने तक हर महीने कौशल एवं रोजगार मेला आयोजित किया जाए। इन मेलों में युवाओं को वॉकइन इंटरव्यू की सुविधा देने और संभव होने पर मौके पर ही चयन की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है।

विधायक ने कहा कि योजना लागू होने के बाद उसके परिणामों को आंकड़ों और ठोस उपलब्धियों के आधार पर परखा जाना चाहिए। यदि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं तो इसे बाद में पूरे देश में लागू करने पर विचार किया जा सकता है।

भर्ती में युवाओं को प्रशिक्षण का मौका देने की पैरवी

पूर्व प्रवर्तन निदेशालय अधिकारी राजेश्वर सिंह ने भर्ती प्रक्रिया में ‘मानवीय संवेदना’ अपनाने की जरूरत बताई। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी खास कौशल की कमी के कारण युवाओं को भर्ती प्रक्रिया से तुरंत बाहर नहीं किया जाना चाहिए। नियोक्ताओं को ऐसे उम्मीदवारों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर अपनी योग्यता सुधारने का अवसर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं के प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप, रोजगार, कौशल उन्नयन और पुन कौशल विकास को उद्योग जगत के प्रमुखों को राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी के तौर पर देखना चाहिए।

सरकारउद्योगशिक्षा जगत की गोलमेज बैठक का सुझाव

विधायक ने सरकार, उद्योग जगत और शिक्षा जगत के बीच नियमित रूप से रोजगार एवं कौशल संबंधी गोलमेज बैठकों के आयोजन की भी वकालत की। इसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारियों , विश्वविद्यालयों और कौशल संस्थानों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों के जरिए अगले तीन से पांच वर्षों में उद्योगों को किस तरह के मानव संसाधन और कौशल की जरूरत होगी, इसका अनुमान लगाया जा सकता है।

चयन नहीं होने वाले युवाओं को भी जोड़ा जाए

राजेश्वर सिंह ने सुझाव दिया कि जिन उम्मीदवारों का चयन नहीं हो पाता, उन्हें अगली संभावना के लिए कौशल मूल्यांकन, ब्रिज कोर्स, अप्रेंटिसशिप और प्रशिक्षण से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की व्यापक स्तर पर काम करने की क्षमता, शिक्षा जगत के ज्ञान और उद्योग जगत के नेतृत्व, जिम्मेदारी एवं मानवीय संवेदना को एक साथ लाने से भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को वास्तविक रोजगार लाभांश में बदला जा सकता है।

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