UP Rain Alert: बिजनौर में गंगा के बढ़ते जल स्तर ने खड़ी की मुश्किलें, घरों में घुसा पानी और खेत डूबे, कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात

UP Rain Alert: बिजनौर में गंगा के बढ़ते जल स्तर ने खड़ी की मुश्किलें, घरों में घुसा पानी और खेत डूबे, कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात

UP Rain Alert: बिजनौर में गंगा के बढ़ते जल स्तर ने खादर क्षेत्र में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। जलीलपुर ब्लॉक के करीब दो दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांव चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गए हैं। कई घरों में पानी घुस चुका है, जबकि संपर्क मार्गों पर कई फीट पानी बह रहा है।

UP Rain Alert: बिजनौर में गंगा के बढ़ते जल स्तर ने खड़ी की मुश्किलें, घरों में घुसा पानी और खेत डूबे, कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात

ट्रैक्टर के सहारे आवाजाही को मजबूर ग्रामीण

हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण ट्रैक्टर के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुसीबत की इस घड़ी में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से पर्याप्त मदद नहीं मिल रही है।

खेतों में भरा पानी, गांव पानी से घिरे

बिजनौर के जलीलपुर खादर इलाके में गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। रात से गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद खेतों में भरा पानी अब आबादी की ओर बढ़ने लगा है। जलीलपुर ब्लॉक के करीब दो दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गांवों के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है और कई गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं। आबादी के बाहरी हिस्से में बसे कई लोगों के घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है।

छाछरी मोड़ से जलीलपुर का सीधा संपर्क टूटा

सलेमपुर खादरजलीलपुर संपर्क मार्ग पर करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। देर रात से यह मार्ग पूरी तरह बंद है। बाढ़ के पानी के चलते सलेमपुर खादर, फैजीपुर, महमूदा खादर, सादाबाद, मीरापुर, सीकरी, बलिया नंगली, धीवरपुरा, बीरोपुर, जलीलपुर, छाछरी मोड़ और विजयनगर समेत एक दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। छाछरी मोड़ से जलीलपुर का सीधा संपर्क भी कट गया है। वहीं करीब नौ गांवों के संपर्क मार्गों पर ग्रामीणों के लिए निजी ट्रैक्टर ही आवाजाही का सहारा बने हुए हैं।

स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे

बाढ़ की भयावह तस्वीर सलेमपुर खादर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर विजयनगर गांव के डेरों में भी दिखाई दे रही है। डेरों के चारों तरफ कई फीट पानी जमा है। पानी ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। चारों तरफ पानी भरा होने के कारण ग्रामीण घरों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण आनेजाने का रास्ता बंद हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना बंद है और घर का राशन लाने में भी भारी परेशानी हो रही है।

रोजमर्रा के सामान के लिए जद्दोजहद

बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। वहीं रोजमर्रा का सामान और राशन लाने के लिए ग्रामीणों को बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। मुश्किल हालात में ग्रामीण अपने निजी ट्रैक्टरों के जरिए लोगों को पानी से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं।

लगातार बिगड़ रहे हालात

ग्रामीणों का कहना है कि हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। लेकिन अभी तक न तो कोई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचा और न ही प्रशासन की ओर से पर्याप्त राहत और बचाव की व्यवस्था दिखाई दे रही है। सबसे बड़ी चिंता आपात स्थिति को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ जाए या किसी महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़े, तो बाढ़ के बीच एंबुलेंस का पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है।

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ग्रामीणों ने मांगी मदद

गंगा के बढ़ते जल स्तर ने बिजनौर के खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण प्रशासन से जल्द राहत और बचाव की व्यवस्था किए जाने की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि बाढ़ प्रभावित इन गांवों तक प्रशासन की मदद कब तक पहुंचती है।

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