
हरदोई: जिले के एआरटीओ दफ्तर से जुड़ा एक और कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दस्तावेजों में हेरफेर कर मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाया गया और उसके सोनालिका ट्रैक्टर का दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करा दिया गया। मामले में एसपी के आदेश पर बघौली थाने में एआरटीओ कार्यालय के तत्कालीन वरिष्ठ सहायक समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पिता की मौत के बाद ट्रैक्टर ट्रांसफर कराने का आरोप
हरियावां थाना क्षेत्र के बीहट नेवादा निवासी अंशू पाल ने पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत में आरोप लगाया कि उसके पिता रामसेवक की इसी साल 17 जून को मौत हो चुकी थी।
अंशू पाल के मुताबिक, पिता की मृत्यु के बाद बघौली थाना क्षेत्र के गड़रियन खेड़ा निवासी मूलचंद ने अपने साथी रामनरेश और एआरटीओ कार्यालय में तैनात तत्कालीन वरिष्ठ सहायक सुदीप कुमार के साथ कथित मिलीभगत कर दस्तावेजों में हेरफेर किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रामनरेश की हूबहू फोटो लगाकर धोखाधड़ी से उसके मृत पिता रामसेवक के नाम दर्ज सोनालिका ट्रैक्टर को मूलचंद के नाम ट्रांसफर करा दिया गया।
मौत की तारीख से पहले की तारीख दिखाने का भी आरोप
शिकायत में अंशू पाल ने यह भी आरोप लगाया है कि फर्जीवाड़े के लिए रिकॉर्ड में रामसेवक की मृत्यु की तारीख से काफी पहले की तारीख दर्शाई गई।
शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले में दस्तावेजों के साथ कथित छेड़छाड़ और ट्रैक्टर के स्वामित्व में किए गए बदलाव की जांच की मांग की है।
दो ट्रालियों समेत कई कृषि उपकरणों पर कब्जे का आरोप
अंशू पाल ने मूलचंद और रामनरेश पर उसके पिता की संपत्ति पर भी अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उसके पिता की दो ट्रालियां, दो रोटावेटर, दो थ्रेशर, एक कल्टीवेटर, एक बाइक और एक पावरट्रैक ट्रैक्टर पर भी जबरन कब्जा कर लिया है।
शिकायतकर्ता ने कथित फर्जीवाड़े से जुड़े आर्थिक और दस्तावेजी नेटवर्क की जांच एंटी फ्रॉड सेल से कराने की मांग की है।
वरिष्ठ सहायक समेत तीन के खिलाफ FIR
एसपी के आदेश के बाद बघौली थाने की पुलिस ने तत्कालीन वरिष्ठ सहायक सुदीप कुमार समेत तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आरोपियों पर धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
बताया गया है कि सुदीप कुमार वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात हैं। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और ट्रैक्टर के ट्रांसफर रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।