शेयर बाजार में उतारचढ़ाव का दौर आम है, लेकिन जब किसी नामी कंपनी के शेयर एक ही दिन में धड़ाम हो जाएं, तो निवेशकों की धड़कनें तेज होना लाजमी है. आज यानी 10 अगस्त को शेयर बाजार में ऐसा ही नजारा रेमंड रियल्टी लिमिटेड के शेयरों में देखने को मिला. शुक्रवार, 7 अगस्त को कंपनी ने अपने तिमाही नतीजे घोषित किए थे और आज बाजार खुलते ही निवेशकों ने जमकर बिकवाली शुरू कर दी. नतीजा ये हुआ कि बीएसई पर कंपनी का शेयर करीब 10.5 प्रतिशत लुढ़ककर 617.10 रुपये के निचले स्तर पर आ गया.

आमदनी में बंपर उछाल मुनाफा क्यों घटा
शुक्रवार को रेमंड रियल्टी ने अप्रैलजून 2026 तिमाही के आंकड़े पेश किए. इन आंकड़ों को देखकर बाजार खुश नहीं हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, इस तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 19 फीसदी गिर गया है. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 16.50 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था, जो अब घटकर 13.43 करोड़ रुपये रह गया है.
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी की कुल कमाई में कोई कमी नहीं आई है. जून 2026 तिमाही में कुल इनकम बढ़कर 535.71 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल जून 2025 में यह 391.86 करोड़ रुपये थी. कमाई बढ़ने के बावजूद मुनाफा घटने की मुख्य वजह कंपनी के बढ़ते खर्चे रहे. इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 520.54 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले महज 370.41 करोड़ रुपये था. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। खर्चों के इस भारी बोझ ने मुनाफे को निगल लिया.
सेल्स बुकिंग में दिखा शानदार प्रदर्शन
भले ही मुनाफा घटा हो, लेकिन कुछ मोर्चों पर कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. अगर हम सेल्स बुकिंग की बात करें, तो रेमंड रियल्टी ने इस जून तिमाही में 700 करोड़ रुपये की बंपर सेल्स बुकिंग दर्ज की है. यह आंकड़ा पिछले साल की इसी तिमाही के 306 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है.
इसके अलावा, कंपनी का EBITDA भी शानदार रहा. यह पिछले साल के 29.8 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधा 61.2 करोड़ रुपये हो गया है. साथ ही, EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 11.6 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल 7.8 प्रतिशत था.
एक साल पहले ही बाजार में हुई थी एंट्री
रेमंड रियल्टी का शेयर बाजार में सफर बहुत पुराना नहीं है. यह रेमंड लिमिटेड से डीमर्ज होकर बना एक स्वतंत्र रियल्टी बिजनेस है. कंपनी के शेयर 1 जुलाई 2025 को शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे. इस डीमर्जर प्रक्रिया के तहत, 14 मई 2025 तक जिन निवेशकों के पास रेमंड लिमिटेड के शेयर थे, उन्हें हर एक शेयर के बदले रेमंड रियल्टी का एक शेयर दिया गया था.
इससे पहले रेमंड समूह ने अपने लाइफस्टाइल फैशन कारोबार को अलग कर ‘रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड’ नाम से एक नई लिस्टेड कंपनी बनाई थी. उस डीमर्जर में निवेशकों को हर 5 शेयर पर नए बिजनेस के 4 शेयर मिले थे.
निवेशकों का भरोसा कितना मजबूत
आज की इस बड़ी गिरावट के बावजूद, अगर हम थोड़ा पीछे मुड़कर देखें, तो स्थिति उतनी भी निराशाजनक नहीं है. पिछले छह महीनों में इस शेयर ने निवेशकों को लगभग 30 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया है. कंपनी के आकार की बात करें तो इसका मार्केट कैप फिलहाल 4100 करोड़ रुपये के पार है. शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है. साथ ही, जून 2026 के अंत तक कंपनी के प्रमोटर्स के पास 50.93 प्रतिशत की बड़ी हिस्सेदारी बरकरार थी.