कानपुर के स्वरूप नगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में एक महिला के लॉकर से करीब 50 लाख रुपये कीमत के जेवर गायब होने का मामला सामने आया है. महिला का दावा है कि उन्होंने करीब 23 साल पहले बैंक में लॉकर लिया था और उसमें समयसमय पर अपने जेवर सुरक्षित रखे थे. 27 जुलाई को जब उन्होंने लंबे समय बाद लॉकर खोला तो उसमें रखे सभी जेवर गायब मिले. खास बात यह है कि लॉकर का नंबर भी 23 है और करीब 23 साल बाद जेवर गायब होने का पता चला.

मामले में महिला ने बैंक प्रबंधन और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनकी शिकायत के आधार पर स्वरूप नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
2003 में लिया था लॉकर नंबर 23
कौशलपुरी निवासी रश्मि अरोड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2003 में स्वरूप नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर की शाखा में सेविंग अकाउंट खुलवाया था. इसी दौरान उन्हें लॉकर नंबर 23 आवंटित किया गया था. रश्मि के अनुसार, उन्होंने समयसमय पर अपने सोने और अन्य कीमती जेवर लॉकर में रखे थे. इन जेवरों की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है.
महिला के मुताबिक, पति की मृत्यु के बाद वह अपनी बेटी के साथ लखनऊ में रहने लगीं. इस वजह से लंबे समय तक बैंक और लॉकर की तरफ ध्यान नहीं जा सका.
बैंक पहुंचने पर पता चला हो चुका है विलय
रश्मि ने बताया कि करीब चार महीने पहले वह अपनी बेटी के साथ बैंक पहुंचीं. वहां उन्हें जानकारी मिली कि जिस स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर शाखा में उनका खाता और लॉकर था, उसका भारतीय स्टेट बैंक में विलय हो चुका है. उन्होंने यह भी पाया कि लॉकर का शुल्क उनके बैंक खाते से लगातार काटा जा रहा था.
इसके बाद उन्होंने लॉकर की स्थिति जानने की कोशिश की. 21 जुलाई को वह बैंक पहुंचीं और अपने खाते में रुपये जमा किए. बैंक की ओर से उन्हें लॉकर नंबर की जानकारी दी गई, लेकिन उस दिन लॉकर की चाबी उनके पास नहीं थी. इसलिए वह लॉकर खोलकर उसमें रखे सामान की जांच नहीं कर सकीं.
27 जुलाई को लॉकर खोला तो जेवर गायब
रश्मि के मुताबिक, 27 जुलाई को वह दोबारा बैंक पहुंचीं. इस बार जब लॉकर खोला गया तो अंदर रखे जेवर नहीं मिले. महिला का दावा है कि करीब 50 लाख रुपये के जेवर लॉकर में रखे थे. जेवर गायब मिलने के बाद उन्होंने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसके बाद रश्मि ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की. उन्होंने बैंक प्रबंधन और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
स्वरूप नगर पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लॉकर से जेवर कब और किस परिस्थिति में गायब हुए. साथ ही लॉकर की सुरक्षा व्यवस्था, रिकॉर्ड और बैंक स्तर पर हुई प्रक्रिया की भी जांच की जाएगी.
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि लॉकर से जेवर गायब होने में किसी बैंक कर्मचारी की भूमिका थी या नहीं. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 50 लाख रुपये के जेवर आखिर कैसे गायब हुए.