फिल्म चले न चले, पॉपकॉर्न बेचकर PVR Inox ने कर डाली 2000 करोड़ की कमाई, ये है डिटेल

फिल्म चले न चले, पॉपकॉर्न बेचकर PVR Inox ने कर डाली 2000 करोड़ की कमाई, ये है डिटेल

सिनेमा हॉल में फिल्में देखने जाने वाले दर्शकों को भले ही महंगे पॉपकॉर्न और कोल्ड ड्रिंक्स की कीमतें जेब पर भारी लगती हों, लेकिन मल्टीप्लेक्स चेन PVR Inox के लिए यह सबसे बड़ा कमाई का जरिया बन चुका है. कंपनी ने केवल खाद्य और पेय पदार्थों यानी पॉपकॉर्न बेचकर सालाना 2,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की हैं. यह आंकड़ा देश की कई बड़ी फास्टफूड और Quick Service Restaurant चेन्स की कुल कमाई के बराबर है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वित्त वर्ष 2026 के तिमाही नतीजों में किस तरह के रेवेन्यू के आंकड़े देखने को मिले हैं…

पॉपकॉर्न बेचकर कमा डाले 2000 करोड़

टिकट खिड़की होने वाली कमाई से अब सिनेमाघरों का पूरा नहीं पड़ रहा है. उसका कारण भी है. उस का कमाई एक हिस्सा फिल्ममेकर्स के पास भी जाता है. ऐसे में सिनेमाघरों में बिकने वाला खाने पीने का सामान उनकी कमाई का एक अहम जरिया बन गया है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पीवीआर आईनॉक्स ने भी इसी कमाई को अपना प्रमुख हथियार भी बना लिया है. वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों को देखें तो फूड एंड बेवरेजेस से होने वाली कमाई का आंकड़ा 2000 करोड़ रुपए के पार जाता हुआ दिखाई दिया. ​वित्त वर्ष 2026 के कमाई के आंकड़ों को देखें तो पीवीआर आईनॉक्स को 2,088 करोड़ रुपए की कमाई हुई. जोकि कुल रेवेन्यू का 31 फीसदी है.

आखिर पॉपकॉर्न कैसे बना कमाई का असली ‘सुपरस्टार’?

  1. हाई प्रॉफिट मार्जिन: मूवी टिकटों की कमाई का बड़ा हिस्सा फिल्म प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ शेयर करना पड़ता है. इसके विपरीत, पॉपकॉर्न, समोसे और बेवरेजेस पर कंपनियों को 70 फीसदी से 80 फीसदी तक का मुनाफा मिलता है.
  2. फ्लॉप फिल्मों के असर से बचाव: अगर कोई बड़ी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलती, तो टिकट बिक्री से होने वाली आय घट जाती है. ऐसे में F&B बिक्री कंपनी के कैश फ्लो को स्थिरता प्रदान करती है.
  3. मेन्यू का विस्तार और डिलीवरी ऐप्स: PVR Inox ने केवल पॉपकॉर्नसमोसे तक सीमित न रहकर गॉरमे फूड और स्विगी/जोमैटो के जरिए थिएटर्स के बाहर डिलीवरी जैसे नए प्रयोग भी शुरू किए हैं.

2026 में पीवीआर आईनॉक्स के कैसे थे आंकड़े?

  1. वित्त वर्ष 2026 में पीवीआर आईनॉक्स को टिकट से होने वाली कमाई का आंकड़ा 3,530 करोड़ रुपए रहा था, जोकि कुल रेवेन्यू का 52.3 फीसदी था.
  2. वहीं दूसरी ओर पॉपकॉर्न एवं अन्य सामान बेचकर होने वाली कमाई का आंकड़ा 2,088 करोड़ रुपए देखने को मिला, जो कुल रेवेन्यू का 31 फीसदी है.
  3. विज्ञापन से होने वाली कमाई का आंकड़ा भी कम नहीं रहा है. वित्त वर्ष 2026 में इस सेगमेंट में कंपनी का रेवेन्यू 464 करोड़ रुपए देखने को मिला, जो कुल रेवेन्यू का 6.9 फीसदी है.
  4. खास बात तो ये है कि पीवीआर आईनॉक्स को सुविधा शुल्क के रूप में भी कम कमाई नहीं हुई है और वित्त वर्ष 2026 में ये आंकड़ा 661 करोड़ रुपए रहा जो कुल रेवेन्यू का 9.8 फीसदी है.
  5. अगर बात कुल रेवेन्यू की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में 6,743 करोड़ रुपए देखने को मिला, जोकि वित्त वर्ष 2025 के मुकाबले 16 फीसदी ज्यादा था.

QSR मॉडल में एंट्री की तैयारी

PVR Inox अब अपने फूड बिजनेस को सिनेमाघरों की दीवारों से बाहर ले जा रहा है. कंपनी ने देवयानी इंटरनेशनल के साथ मिलकर शॉपिंग मॉल्स में एक्सक्लूसिव फूड कोर्ट्स खोलने के लिए जॉइंट वेंचर बनाया है. इससे सिनेमा देखने न आने वाले आम मॉल विजिटर्स भी PVR के फूड ब्रांड्स का लुत्फ उठा सकेंगे, जिससे कंपनी का रेवेन्यू मॉडल और अधिक मजबूत होगा.

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