ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन माइवुड्स सोसाइटी में गर्मी के बीच पानी का संकट गहरा गया है. पिछले तीन दिनों से कई टावरों में पानी की सप्लाई ठीक से नहीं पहुंच रही है, जिसके कारण करीब 5,000 फ्लैटों में रहने वाले लोग इस समस्या से परेशान हैं. पानी की सप्लाई बाधित होने के बाद बड़ी संख्या में आक्रोशित निवासी एकजुट होकर सोसाइटी के मेंटेनेंस कार्यालय पहुंच गए और जमकर हंगामा किया.

लोगों ने प्रबंधन से सवाल किया कि आखिर नियमित रूप से पानी की व्यवस्था क्यों नहीं हो पा रही है. सोसाइटी निवासी के मुताबिक, गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत सबसे ज्यादा होती है, लेकिन सोसाइटी के कई टावरों में रात के समय पानी नहीं पहुंचा. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। हालात ऐसे हो गए कि लोगों को पीने के पानी और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भी पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
आखिर तीन दिन से क्यों नहीं आ रहा पानी?
सोसाइटी के निवासी बीपी बंसल का कहना है कि पानी की समस्या का मुख्य कारण सोसाइटी में पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति नहीं होना है. प्रबंधन की ओर से टैंकरों से वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, लेकिन पानी की मांग के मुकाबले यह व्यवस्था कम पड़ रही है.
हालांकि, मौजूदा जल संकट के तकनीकी कारण, जैसे सप्लाई लाइन, पंप या अन्य किसी व्यवस्था में खराबी को लेकर प्रबंधन की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल निवासियों के बीच यह है कि यदि नियमित आपूर्ति बाधित है तो इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा और जब तक समस्या दूर नहीं होती, तब तक पर्याप्त संख्या में टैंकरों की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है.
मेंटेनेंस कार्यालय पहुंचे निवासी, प्रबंधन से मांगा जवाब
पानी नहीं आने से परेशान निवासी रात में बड़ी संख्या में मेंटेनेंस कार्यालय पहुंचे. लोगों ने वहां मौजूद कर्मचारियों और प्रबंधन से पानी की सप्लाई को लेकर जवाब मांगा. निवासियों का कहना है कि बारबार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है.
लोगों का आरोप है कि मेंटेनेंस टीम और एओए की ओर से पानी की समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं. इसी वजह से उन्हें मजबूर होकर कार्यालय पहुंचकर विरोध जताना पड़ा. सोसाइटी के निवासियों का यह भी आरोप है कि इतनी बड़ी सोसाइटी में जलापूर्ति संकट के बावजूद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिल पा रही है.
लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में तीन दिन तक पानी की समस्या छोटी बात नहीं है. यदि सोसाइटी की अपनी व्यवस्था से तत्काल पर्याप्त पानी मुहैया नहीं कराया जा सकता तो संबंधित विभागों को हस्तक्षेप कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए.