रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामकाज संभालने वाली सरकारी कंपनी रेल विकास निगम लिमिटेड ने निवेशकों के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं. जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन सालाना आधार पर काफी मजबूत रहा है. कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 18.5 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है. सालाना आधार पर देखें, तो अप्रैल से जून के बीच आरवीएनएल ने शानदार कमाई की है.

कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के 134.53 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 159.36 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. सिर्फ मुनाफा ही नहीं, बल्कि कंपनी के कामकाज से होने वाली कुल कमाई में भी 10.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. एक साल पहले जहां यह रेवेन्यू 3,909 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह 4,321 करोड़ रुपये हो गया है.
सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा कंपनी के एबिटा का रहा. इसमें करीब 231 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया है. पिछले साल यह 56 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 185.4 करोड़ रुपये हो गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी की परिचालन दक्षता में काफी सुधार हुआ है, जिसका मार्जिन 1.43 प्रतिशत से छलांग लगाकर 4.3 प्रतिशत पर आ गया है.
पिछली तिमाही के मुकाबले सुस्त पड़ी रफ्तार
भले ही सालाना आधार पर आंकड़े बहुत शानदार दिख रहे हों, लेकिन अगर हम ठीक पिछली तिमाही से इसकी तुलना करें, तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है. मार्च तिमाही के मुकाबले जून तिमाही में आरवीएनएल का प्रदर्शन कुछ नरम रहा है. इस दौरान मुनाफा 187.07 करोड़ रुपये से 14.8 प्रतिशत गिरकर 159.36 करोड़ रुपये पर आ गया. वहीं, कामकाज से होने वाला रेवेन्यू भी 35.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6,695.91 करोड़ रुपये से घटकर 4,321 करोड़ रुपये रह गया. अगर कुल आय की बात करें, तो वह भी 6,780.89 करोड़ रुपये से कम होकर 4,462.29 करोड़ रुपये पर आ गई है. यानी तिमाही आधार पर कंपनी की कमाई की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है.
बिहार में मिला नया काम
कंपनी की वित्तीय सेहत के साथसाथ उसके पास मौजूद कामकाज पर भी नजर डालना जरूरी है. हाल ही में 20 जुलाई को आरवीएनएल ने जानकारी दी थी कि उसे ईस्ट सेंट्रल रेलवे की तरफ से 358.97 करोड़ रुपये का एक बड़ा ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट मिला है. इस टेंडर में कंपनी ने सबसे कम बोली लगाकर बाजी मारी. यह प्रोजेक्ट बिहार के सीतामढ़ीरक्सौल रेल लाइन के 41.04 किलोमीटर हिस्से को डबल करने से जुड़ा है. इसके तहत पुल, स्टेशन, प्लेटफॉर्म और लेवल क्रॉसिंग बनाने जैसे कई अहम निर्माण कार्य किए जाएंगे.
झोली में भरे हैं हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट
कामकाज के लिहाज से सरकारी कंपनी बेहद मजबूत स्थिति में खड़ी है. 1 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, आरवीएनएल की कुल ऑर्डर बुक 99,262 करोड़ रुपये की है. इसके अलावा, वित्त वर्ष 202526 में कंपनी का कुल टर्नओवर 20,012.26 करोड़ रुपये रहा. अनुभव की बात करें, तो यह कंपनी अब तक 158 से ज्यादा रेल प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरे कर चुकी है, जो बाजार में इसके भरोसे को कायम रखता है.
शेयर बाजार में कैसा है निवेशकों का हाल
किसी भी कंपनी के नतीजों का सीधा असर शेयर बाजार में उसके भाव पर पड़ता है. मंगलवार को बाजार बंद होने पर आरवीएनएल का शेयर मामूली गिरावट के साथ 229.23 रुपये के स्तर पर रहा. अगर हालिया समय की बात करें, तो छोटे निवेशकों को थोड़ी निराशा हुई है. इस साल अब तक इस शेयर में 35.62 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है. पिछले एक साल का रिकॉर्ड देखें तो यह शेयर करीब 32.85 प्रतिशत टूटा है. हालांकि, शेयर बाजार में लंबे समय का नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए तस्वीर सकारात्मक है. पिछले तीन सालों में इस शेयर ने करीब 82.39 प्रतिशत का रिटर्न दिया है.