
बदायूं, अमृत विचार। पिछले कई दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश के चलते शहर की मुख्य सड़कों पर जलभराव हो गया है जिससे लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। सड़कों के दोनों ओर नाला बनने के बाद भी पानी का निकास नहीं हो रहा है। जिससे सड़क किनारे बैठे दुकानदार व आम लोग परेशान हैं।
शहर में सड़कों के दोनों ओर नाले बनने के बाद भी जलभराव की समस्या खत्म नहीं हो रही है। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के चलते मुख्य सड़कों पर जलभराव है। जिससे दोपहिया वाहन चालकों व पैदल चलने वालों को भारी दिक्कत हो रही है।
लोगों का कहना है कि नाला निर्माण मानक के अनुसार नहीं किए गए हैं जिससे बारिश का पानी नाले में न जाकर सड़कों पर तालाब की तरह भरा खड़ा है। शहर के मंडी समिति स्थित मुख्य गेट पर काफी दिनों से पानी भरा है। करीब पचास मीटर सड़क काफी नीची है जिस पर बारिश का पानी भरा रहता है। पेट्रोल पंप के सामने मुख्य रोड पर बारिश का पानी भर जाता है। तेज रफ्तार कार व अन्य बड़े वाहनों के पहियों से पानी उछल कर लोगों के ऊपर गिरता है जिससे कई बार झगड़े की भी नौबत आ जाती है।
मंडी समिति के मुख्य गेट से ककराला रोड को जाने वाली सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर गहरे गड्ढे होने के कारण भारी दिक्कत हो रही है। करीब पांच सौ मीटर तक सड़क पूरी तरह जर्जर है। इस सड़क पर कुछ दिन पहले पत्थर डाल कर गड्ढे भरे गए थे जिससे और अधिक परेशानी बढ़ गई। नरऊ मोड़ के निकट टूटी सड़क पर लोगों को गिरने का खतरा बना रहता है। रात के समय लोग गड्ढे में गिर कर चोटिल हो रहे हें।
मरम्मत के नाम पर की गई थी खानापूर्ति
ककराला रोड स्थित मंडी समिति के सामने करीब पांच सौ मीटर की दूरी तक गहरे गड्ढों के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी थीं जिसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा हंगामा किया गया। रोड जर्जर होने पर आवागमन भी बाधित हो रहा था जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने जगह जगह मरम्मत कर खानापूर्ति कर ली थी। जहां गड्ढे भरे गए थे वहीं पर अब पूरी सड़क उधड़ चुकी है। परेशान लोगों ने प्रशासनिक उपेक्षा का आरोप लगाते हुए फिर से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
नाला निर्माण कराने के बाद नहीं बनाई सड़क
उधर नरऊ मोड़ पर दो सौ मीटर का कच्चा रास्ता बारिश के पानी से दलदल बन गया है। इस रोड पर भारी कीचड़ और जलभराव होने से आवागमन बंद हो गया है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पास में रहने वाले कई लोग घर छोड़ कर दूसरी जगह रह रहे हैं। बारिश के कारण मिट्टी लोगों के घरों तक पहुंच रही है। ग्राम पंचायत द्वारा इस रास्ते के दोनों ओर नाला निर्माण कराने के बाद सड़क नहीं बनाई गई जिससे अब मोहल्ले के लोग नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
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