
हरदोई, अमृत विचार। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और महिला नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अश्लील, भ्रामक और मानहानिकारक टिप्पणियां करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सोमवार को कोतवाली शहर में सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर के खिलाफ आपराधिक धमकी, शांति भंग करने के इरादे से अपमान, आपराधिक षड्यंत्र और आईटी अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है।
बताते चलें कि सीमा राजभर पहले सुभासपा में ही थी,लेकिन साल 2022 में ओमप्रकाश राजभर से नाता तोड़ कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुई और पार्टी ने उन्हे महिला सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी दी। सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील अर्कवंशी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि सीमा राजभर ने राजनीतिक द्वेष और ईर्ष्या के चलते अपने सोशल मीडिया के अकाउंट से सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ महिला नेताओं और उनके परिजनों पर देह व्यापार जैसे मनगढ़ंत और घिनौने आरोप लगाए हैं।
तहरीर के मुताबिक सोशल मीडिया अकाउंट्स और इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के जरिए इस तरह के आपत्तिजनक संदेश और बयान लगातार पोस्ट व वायरल किए जा रहे हैं। आरोप है कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक मंचों से पार्टी नेतृत्व की छवि धूमिल करना, निजता का हनन करना और समाज में सनसनी फैलाकर दंगा भड़काने की साजिश रचना है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।
इससे पहले भी सीमा राजभर पर सुभासपा के महिला मंच और शीर्ष नेताओं के व्यक्तिगत जीवन को लेकर आपत्तिजनक बयानबाजी करने का आरोप लगा था। सुभासपा प्रवक्ता का कहना है कि इस लगातार दुष्प्रचार से पार्टी, उसके पदाधिकारियों और उनके परिवारों की सामाजिक व राजनीतिक साख को गहरा आघात पहुंचा है। पुलिस को साक्ष्य के तौर पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट भी सौंपे गए हैं। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
इंस्पेक्टर बालकृष्ण मिश्रा को सौंपी गई जांच
सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील अर्कवंशी की तहरीर पर सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर निवासी पोस्ट कम्मर तहसील बसडीह खेजुरी ज़िला बलिया के खिलाफ बीएनएस की धारा 351/352/353/61 और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत कोतवाली शहर में दर्ज हुए केस की जांच इंस्पेक्टर बालकृष्ण मिश्रा को सौंपी गई है।