
ऊंचाहार, रायबरेली। कोतवाली क्षेत्र के एनटीपीसी चौकी अंतर्गत बीकरगढ़ गांव में बुधवार सुबह 28 वर्षीय युवक राजू यादव का शव घर के कमरे में पंखे के सहारे फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों ने युवक की मौत के लिए पुलिस की कथित प्रताड़ना को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों ने पुलिस को शव सौंपने से इनकार कर दिया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए सलोन, जगतपुर, गदागंज समेत कई थानों की पुलिस फोर्स को गांव में बुलाया गया। पुलिस अधिकारी ग्रामीणों और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
परिजनों का आरोप, वांछित रिश्तेदार की गिरफ्तारी के लिए बनाया जा रहा था दबाव
परिजनों के मुताबिक, उनकी रिश्तेदारी में करीब 20 दिन पहले हुई मारपीट के दौरान एक वृद्ध की मौत हो गई थी। इस मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस राजू यादव पर उसके रिश्तेदार को पकड़वाने का दबाव बना रही थी।
आरोप है कि पुलिस राजू को तीन बार पकड़कर अपने साथ ले गई और उसके साथ मारपीट की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हर बार पैसे लेकर उसे छोड़ दिया जाता था। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मंगलवार शाम भी घर पहुंची थी पुलिस
परिजनों का कहना है कि मंगलवार शाम पुलिस राजू को पकड़ने के लिए उसके घर पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद बुधवार सुबह उसका शव कमरे में फंदे से लटका मिला।
घटना की सूचना पर पुलिस जब गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। परिजनों ने शव पुलिस को सौंपने से इनकार करते हुए कथित तौर पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
कई थानों की फोर्स गांव में तैनात
मामले की गंभीरता को देखते हुए सलोन, जगतपुर और गदागंज समेत कई थानों से पुलिस बल बुलाया गया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं।
परिजन पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की जांच और कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
बताया गया है कि करीब 20 दिन पहले क्षेत्र के बसुवई गांव में रामदीन की बहू नीलम और उनकी बेटी शिवानी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद रामदीन अपनी बेटी को लेकर कोतवाली जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में नीलम के भाइयों ने उसके साथ मारपीट कर दी।
मारपीट में रामदीन घायल हो गया और अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में नीलम और उसके भाइयों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने नीलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उसके भाइयों की तलाश की जा रही है। बताया गया है कि वांछित लोगों में राजू यादव का बहनोई भी शामिल है। परिजनों का आरोप है कि इसी रिश्तेदार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस राजू पर लगातार दबाव बना रही थी।
अब जांच पर टिकी नजर
राजू की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस पर लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों को लेकर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत के वास्तविक कारण और पुलिस की भूमिका को लेकर जांच तथा पोस्टमार्टम समेत आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।