Hamirpur News: हमीरपुर जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर चंदूपुर मार्ग की बदहाली को लेकर बच्चों और अभिभावकों के प्रदर्शन का असर अब दिखाई देने लगा है. बुधवार को बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर करीब पांच किलोमीटर पैदल मार्च किया और जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. TV9 डिजिटल पर खबर प्रमुखता से प्रसारित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया. बुधवार को अधिकारियों की टीम चंदूपुर पहुंची और बदहाल सड़क का निरीक्षण किया.

ADM समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे
चंदूपुर की कच्ची और खराब सड़क का जायजा लेने के लिए ADM राकेश कुमार, SDM अभिषेक कुमार, खनिज अधिकारी विकास परमार और PWD विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने सड़क की हालत देखी और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं. ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि आजादी के बाद से अब तक गांव तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है. बारिश के दौरान कच्चे रास्ते पर कई जगह पानी और कीचड़ भर जाता है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क लगभग कट जाता है.
बच्चों की पढ़ाई से लेकर मरीजों के इलाज तक पर संकट
सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों और मरीजों पर पड़ रहा है. बारिश में रास्ते पर पानी और कीचड़ भर जाने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है. कई बार वे कईकई दिनों तक स्कूल नहीं जा पाते. वहीं, गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के दौरान एंबुलेंस तक गांव तक पहुंचने में परेशानी होती है. इस सड़क से एक दर्जन से अधिक गांव और मजरे जुड़े हुए हैं, इसलिए हजारों ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है.
तिरंगा लेकर बच्चों ने किया था पैदल मार्च
सड़क निर्माण की मांग को लेकर बच्चों और अभिभावकों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया था. बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर करीब पांच किलोमीटर की दूरी तय की और प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी. बच्चों का कहना था कि खराब सड़क की वजह से स्कूल आनेजाने में लगातार परेशानी होती है. अभिभावकों ने भी सड़क की हालत को लेकर नाराजगी जताई और जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की.
TV9 की खबर के बाद जागा प्रशासन
बच्चों के प्रदर्शन के बाद TV9 डिजिटल ने चंदूपुर की बदहाल सड़क और ग्रामीणों की समस्या को प्रमुखता से दिखाया. खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और अधिकारियों को मौके पर भेजा. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सड़क की तत्काल मरम्मत के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. इससे ग्रामीणों में भी उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का अब समाधान हो सकेगा.
पहले गड्ढे भरेंगे, बजट मिलने पर बनेगी पक्की सड़क
ADM राकेश कुमार ने बताया कि फिलहाल सड़क को चलने लायक बनाने के लिए गड्ढों को भरने और जरूरी जगहों पर पैचवर्क कराने का काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि PWD विभाग का बजट स्वीकृत होने के बाद सड़क का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा. यानी बच्चों और अभिभावकों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही शुरू कर दी है. अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि अस्थायी मरम्मत के बाद पक्की सड़क का काम कब शुरू होता है.