
बरेली, अमृत विचार। एसआईबी टीम और पुलिस ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट पास ऑन करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय सिंडीकेट का पर्दाफाश किया है। अपर आयुक्त ग्रेड2 आशीष निरंजन ने बताया कि नेपाल से संचालित हो रहे इस नेटवर्क में पांचछह फर्जी फर्मों के जरिए बिना किसी माल के आवागमन के केवल कागजी व्यापार किया जा रहा था।
आशीष निरंजन ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया जांच में खुलासा हुआ यह सिंडीकेट ”सर्कुलर ट्रेडिंग” के नए तरीके से काम कर रहा था। इसमें 56 फर्जी फर्मों का जाल तैयार किया जाता था। चेन में सबसे ऊपर मौजूद वास्तविक लाभार्थी व्यापारी फर्जी आईटीसी बिल कमीशन देकर खरीदते थे और नकद कर देने से बचते थे। लाभार्थी फर्म दस से बीस लाख रुपये नीचे की बोगस फर्म को बैंक से भेजती थी, जिसे आपस में घुमाकर अंत में नकदी निकालकर वापस लाभार्थी तक पहुंचा दिया जाता था। एसपी के मार्गदर्शन और उपायुक्त अनिरुद्ध सिंह, राज्य कर अधिकारी तारचंद व प्रदीप कुमार की मदद से इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया गया। गिरफ्तार आरोपी सागर से पूछताछ व बैंक खातों के विश्लेषण से बोगस नेटवर्क की पुष्टि हुई। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अपर आयुक्त आशीष निरंजन ने बताया कि इन फर्मों से अब तक पांच करोड़ से अधिक की धनराशि राजकोष में जमा करा ली है, शेष वसूली व अन्य वैधानिक कार्रवाई प्रचलित है।
नेपाल से नेटवर्क संचालन, व्यापारियों को विभाग की चेतावनी
जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी नोटिस से बचने के लिए फर्जी ईवे बिल और बैंक ट्रांजैक्शन के पक्के कागजात तैयार रखते थे ताकि खुद को निर्दोष बता सकें। अपर आयुक्त ने बताया कि नेटवर्क का मास्टरमाइंड नेपाल से बहुराज्यीय सिंडीकेट चला रहा था। सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे केवल वास्तविक व सत्यापित आपूर्तिकर्ताओं से ही कारोबार करें। किसी भी फर्जी बिल या बोगस आईटीसी का हिस्सा बनने से बचें।
ये भी पढ़ें