
अमरोहा, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना और इसके हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार को गति देने के उद्देश्य से अमरोहा जिला प्रशासन ने भूमि के नए सर्किल रेट प्रस्तावित किए हैं। एक्सप्रेसवे से प्रभावित राजस्व ग्रामों में सर्किल रेट में अधिकतम 48 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे किसानों को उनकी भूमि का बेहतर मूल्य मिलने के साथ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।
एक्सप्रेसवे प्रभावित गांवों में 48 फीसदी तक बढ़ेगा सर्किल रेट
जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ द्वारा जारी प्रस्तावित मूल्यांकन सूची के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे के दायरे में आने वाले गांवों में वर्तमान सर्किल दरों की असमानता को दूर करते हुए आसपास के गांवों के समतुल्य दरें निर्धारित करने का प्रयास किया गया है। इसके तहत कई गांवों में सर्किल रेट में 48 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा तहसील हसनपुर क्षेत्र में एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन से सटी कृषि भूमि के लिए भी नई दरें प्रस्तावित की गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी
प्रशासन ने जिले के अन्य क्षेत्रों में भी भूमि मूल्यांकन में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। सामान्य ग्रामीण क्षेत्रों में 10 प्रतिशत, विकासशील क्षेत्रों में 15 प्रतिशत तथा नगरीय, अर्धनगरीय एवं लघुत्तर नगरीय क्षेत्रों में 20 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से जुड़े गांवों में भूमि मूल्यों में पांच से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जबकि कुछ ऐसे गांव जहां दरों में अत्यधिक असमानता थी, वहां 30 प्रतिशत तक वृद्धि कर संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया गया है। कृषि भूमि के लिए बेल्टिंग प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
किसानों ने उठाई थी उचित मुआवजे की मांग
उल्लेखनीय है कि हाल ही में क्षेत्र के किसानों ने अपनी भूमि के उचित मूल्य की मांग को लेकर भाजपा विधायक राजीव तरारा से मुलाकात की थी। विधायक ने किसानों की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा सर्किल रेट में वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया है।
25 अगस्त तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
प्रशासन का मानना है कि सर्किल रेट बढ़ने से भूमि अधिग्रहण संबंधी समस्याएं कम होंगी और गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना निर्धारित समय में पूरी करने में मदद मिलेगी। इससे भविष्य में हरिद्वार तक सीधी और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। उत्तर प्रदेश स्टाम्प नियमावली के तहत प्रस्तावित दरों पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। प्रस्तावित मूल्यांकन सूची की प्रतियां अपर जिलाधिकारी , सहायक महानिरीक्षक निबंधन, संबंधित उप जिलाधिकारियों, उप निबंधक कार्यालयों तथा एनआईसी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई हैं। इच्छुक व्यक्ति 14 अगस्त से 25 अगस्त की शाम पांच बजे तक अपनी आपत्तियां और सुझाव लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण एक से तीन सितंबर के बीच किया जाएगा।