
प्रयागराज, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रयागराज स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में ध्वजारोहण किया। उन्होंने देश, प्रदेश और प्रयागराजवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का उल्लेख किया।
‘शक्ति सप्त धारा’ से विकास को मिलेगी नई गति
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। देश आर्थिक और सामरिक महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने ‘शक्ति सप्त धारा’ का आह्वान किया है। इसके आधार पर देश विकास के सभी क्षेत्रों में सफलता हासिल करेगा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जो कहते हैं, उसे पूरा करने के लिए भी काम करते हैं।
‘वंदे मातरम्’ के छह छंदों का गायन राष्ट्रीय गौरव
केशव प्रसाद मौर्य ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए संबोधन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों का गायन राष्ट्रीय गौरव का विषय है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम बताते हुए कहा कि देश की राष्ट्रीय भावना और गौरव को नई मजबूती मिल रही है।
कांग्रेस पर साधा निशाना, बोले विकसित भारत का सपना नहीं देखा
उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लंबे समय तक कांग्रेस का शासन रहा, लेकिन उसने विकसित भारत का सपना नहीं देखा। उन्होंने कहा कि यदि पूर्ववर्ती सरकारों ने देश के समग्र विकास पर ध्यान दिया होता तो भारत आज कई देशों से पीछे नहीं होता। मौर्य ने आरोप लगाया कि उस दौर में सत्ता का लाभ उठाने पर अधिक ध्यान दिया गया, जबकि राष्ट्रहित और विकास को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली।
2047 तक भारत को अग्रणी शक्ति बनाने का संकल्प
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्तमान सरकार भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल करना है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को देश के लिए त्याग और बलिदान देने वाले वीरों को याद करने तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर बताया।