
लखनऊ, अमृत विचार। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सलामी ली। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में जन भवन के अधिकारियोंकर्मचारियों और आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
राज्यपाल बोलीं स्वतंत्रता दिवस गौरव और आत्मचिंतन का अवसर
राज्यपाल ने जन भवन के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव के साथ आत्मचिंतन का भी अवसर है। राष्ट्रध्वज उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके संघर्ष से देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
‘विकसित भारत’ के संकल्प में हर नागरिक की भूमिका जरूरी
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विकास और भविष्य के लिए निर्धारित लक्ष्यों को समझना और उन्हें पूरा करने में अपनी भूमिका तय करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर आए हैं। हालांकि, समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अभी भी सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।
बच्चों की शिक्षा और किसानों की मदद पर जोर
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना, किसानों की सहायता करना और समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने वर्तमान में चल रही जनगणना का उल्लेख करते हुए लोगों से सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।
नक्सलवाद के खिलाफ शहीद जवानों को किया नमन
राज्यपाल ने नक्सलवाद के मुद्दे पर अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की राज्यपाल रहते हुए उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की चुनौतियों को करीब से देखा है। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में शहीद हुए सैनिकों और सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और बलिदान को उन्होंने नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में अब पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है।
‘सप्तधारा’ से भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा देश के समग्र विकास के लिए निर्धारित ‘सप्तधारा’ की अवधारणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। समय की जरूरत के अनुसार पुराने और अप्रासंगिक कानूनों में भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं।
‘वंदे मातरम्’ ने जगाई थी राष्ट्रभक्ति की भावना
राज्यपाल ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की भावना पैदा की। उन्होंने उन देशभक्तों और मातृशक्तियों को नमन किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी ‘वंदे मातरम्’ का गायन नहीं छोड़ा।
नशा मुक्ति का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान जन भवन के अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों समेत उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने भी सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और राज्यपाल के नेतृत्व में जन भवन में किए गए नवाचारों की सराहना की।