हम सभी घर बैठे महज 10 मिनट में राशन, सब्जियां या खानेपीने का जरूरी सामान मंगाना बहुत पसंद करते हैं. भागदौड़ भरी इस जिंदगी में यह हमारी रोजमर्रा की आदत बन चुका है. लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि जिस गोदाम से आपका कीमती सामान पैक होकर घर आता है, वहां साफसफाई का असल में क्या हाल है? महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब इन दावों की हकीकत को करीब से जांचा, तो रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई सामने आई. स्विगी, जेप्टो तथा ब्लिंकिट जैसी देश की सबसे नामी कंपनियों के गोदामों में कॉकरोच, चूहों की गंदगी तथा सड़ी हुई सब्जियां मिली हैं. इस घोर लापरवाही पर बेहद सख्त कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने 12 बड़े गोदामों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिए हैं.

10 मिनट की डिलीवरी के पीछे का सच
महाराष्ट्र के नए खाद्य सुरक्षा प्रमुख तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में यह बेहद कड़ा अभियान चलाया गया है. इस औचक निरीक्षण के दौरान जो खौफनाक तस्वीरें सामने आईं, वे सीधे तौर पर आम आदमी के स्वास्थ्य के साथ हो रहे भयंकर खिलवाड़ को बयां करती हैं. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की टीम को जांच में जंग लगे रैक, खाने के सामान पर रेंगते हुए कॉकरोच तथा बुरी तरह सड़ीगली सब्जियां मिलीं.
बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। नासिक स्थित जेप्टो के एक गोदाम में यह देखा गया कि डिलीवरी करने वाले कर्मचारी बाहर पहने जाने वाले गंदे जूतों के साथ ही मुख्य स्टोर एरिया में घूम रहे थे. ऐसी घोर लापरवाही से खाने में संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो सीधा आपकी थाली तक पहुंचता है.
इन बड़ी कंपनियों के गोदामों पर गिरी गाज
राज्य के एफडीए विभाग ने इस बड़े एक्शन के तहत कुल 86 अलगअलग जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. इनमें से 60 प्रतिष्ठानों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए कड़ा नोटिस थमाया गया है. सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए इटरनल के पांच, जेप्टो के पांच तथा स्विगी इंस्टामार्ट के दो गोदामों का परमिट पूरी तरह निलंबित कर दिया गया है.
हैरानी की बात यह है कि साफसफाई के बहुत कड़े नियमों का दावा करने वाली देश की सबसे बड़ी फास्टफूड चेन डोमिनोज के भी चार आउटलेट इसी जांच के बाद बंद कर दिए गए हैं. यह बड़ी कार्रवाई यह साफ संदेश देती है कि अब लोगों की सेहत के साथ जरा सा भी समझौता नहीं होने वाला है.
अरबों डॉलर का बाजार लेकिन साफ सफाई नदारद
भारत में क्विक कॉमर्स यानी तुरंत डिलीवरी देने वाला बाजार बहुत तेजी से फैल रहा है. अब यह बाजार करीब 13 अरब डॉलर का हो चुका है. डेटम इंटेलिजेंस के आंकड़ों के अनुसार, ब्लिंकिट के पास देश भर में 2,200 आउटलेट हैं. दूसरी तरफ स्विगी तथा जेप्टो दोनों के लगभग 1,1001,100 डिलीवरी सेंटर मौजूद हैं. इन बड़ी कंपनियों के जरिए हर दिन करीब 90 लाख ऑर्डर आम लोगों के घरों तक पहुंचते हैं.
विदेशी निवेश के दम पर चल रही इन कंपनियों की यह डरावनी हकीकत जब मीडिया के जरिए आम जनता तक पहुंची, तो सोशल मीडिया पर ग्राहकों का भारी गुस्सा फूट पड़ा. एक्स पर नोलां लुकांस डिसूजा नामक एक यूजर ने लिखा कि ऐसे सभी क्विक कॉमर्स गोदामों पर पूरे शहर में कार्रवाई करने की बहुत ज्यादा जरूरत है. इस पूरे विवाद पर फिलहाल स्विगी, इटरनल तथा जेप्टो ने कोई भी आधिकारिक बयान देने से साफ इनकार कर दिया है.