Lucknow News: लखनऊ में 69वीं वैज्ञानिक प्रतियोगिता का आगाज, फोरेंसिक से डॉग स्क्वायड तक होगा कौशल परीक्षण

Lucknow News: लखनऊ में 69वीं वैज्ञानिक प्रतियोगिता का आगाज, फोरेंसिक से डॉग स्क्वायड तक होगा कौशल परीक्षण
Lucknow News: लखनऊ में 69वीं वैज्ञानिक प्रतियोगिता का आगाज, फोरेंसिक से डॉग स्क्वायड तक होगा कौशल परीक्षण

कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीकी और वैज्ञानिक कार्यकुशलता को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित 69वीं वार्षिक वैज्ञानिक प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसकी शुरूआत सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स परिसर में किया गया। इसमें अनुसंधान, पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, कंप्यूटर, डॉग स्क्वाड एवं एंटी सेबोटाज चेक की प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रतियोगिता में 12 जोन के 135 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

चार दिवसीय इस प्रतियोगिता का समापन 16 जुलाई को होगा। उद्घाटन समारोह में डीसीपी लाइंस अनिल कुमार यादव, अपर डीसीपी लाइंस राजेश कुमार यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रतियोगिता के तहत कंप्यूटर, फोरेंसिक साइंस, पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, डॉग स्क्वाड और एंटी सेबोटाज चेक समेत विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता का परीक्षण किया जाएगा। पहले दिन फोरेंसिक साइंस की लिखित परीक्षा और घटना स्थल निरीक्षण प्रतियोगिता आयोजित की गई।

तकनीकी अपराधों से निपटने में मिलेगी मजबूती

मुख्य अतिथि अपर्णा कुमार ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल प्रतिस्पर्धा का मंच नहीं, बल्कि पुलिसिंग में प्रोफेशनल एक्सीलेंस को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है। बदलते दौर में साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे तकनीकी अपराधों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक में दक्षता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज की पुलिसिंग प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव और टेक्नोलॉजी ड्रिवन होती जा रही है।

उन्होंने प्रतिभागियों से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यहां से मिले नए अनुभव और तकनीकी ज्ञान का उपयोग अपनेअपने कार्यक्षेत्र में करें। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य पुलिस बल में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी उत्कृष्टता और व्यावसायिक दक्षता को बढ़ावा देना है, जिससे अपराधों की वैज्ञानिक विवेचना, साक्ष्य संकलन और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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