
बाराबंकी। इंडियन बैंक की मुख्य शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि ऋण खाते के वन टाइम सेटलमेंट की रकम में हेराफेरी कर तीन लाख रुपये का गबन किया गया। मामले में पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
पांच लाख रुपये जमा करने का दावा, दो लाख की ही एंट्री
ग्राम इन्धौलिया सराय का स्थान निवासी राम मनोज पुत्र संत राम ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने इंडियन बैंक की मुख्य शाखा से कृषि ऋण लिया था। ऋण खाते के निपटारे के लिए उन्होंने 23 सितंबर 2025 को तत्कालीन शाखा प्रबंधक क्षितिज स्वामी को पांच लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि बैंक खाते में केवल दो लाख रुपये ही जमा किए गए, जबकि बाकी तीन लाख रुपये निजी कर्मचारी अजय निगम के माध्यम से लिए गए, लेकिन उन्हें खाते में जमा नहीं किया गया।
ऋण खाता बंद नहीं हुआ तो सामने आया मामला
किसान का कहना है कि ओटीएस की पूरी रकम जमा होने के बावजूद आज तक उसका ऋण खाता बंद नहीं हो सका। इसके बाद उसने बैंक के उच्च अधिकारियों और लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय में शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित किसान ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उसका कहना है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक के कहने पर रिकवरी एजेंट अजीत सिंह लगातार शिकायत वापस लेने और समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। किसान के अनुसार, इस मामले में रामतीरथ और अवधेश प्रकाश समेत अन्य लोग भी प्रभावित हैं, जो मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं।
डीएम से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उनकी धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। अब मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।