E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को कोई नुकसान नहीं, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को कोई नुकसान नहीं, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

E20 पेट्रोल लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है. सरकार ने इसको लेकर हाल ही में FAQ भी जारी किया था. उधर सोशल मीडिया पर इस पेट्रोल को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है कि ई20 पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है और गाड़ियों को कई तरह के नुकसान पहुंच सकता है. यहां तक की गाड़ी का इंजन भी खराब हो जाता है. अब इसी E20 पेट्रोल पर IIT कानपुर की एक स्डटी सामने आई है.

E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को कोई नुकसान नहीं, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

देश में 20 प्रतिशत एथनॉलमिश्रित पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचने का कोई सुबूत नहीं है. ई20 लागू करने को लेकर व्यक्त की जा रही चिंताओं के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के स्टडी में यह बात सामने आई है. आईआईटीकानपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में इंजन रिसर्च लैबोरेटरी के परियोजना वैज्ञानिक ध्रुव राज करणा ने ने कहा कि बड़े पैमाने पर हुए अध्ययन में सामने आया कि ई20 से इंजन को नुकसान,जंग लगने या कोई दूसरी तकनीकी समस्या नहीं होती है.

गाड़ियों को नुकसान पहुंचने का दावा खारिज

उन्होंने सोशल मीडिया पर ई20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान पहुंचने के दावों को वैज्ञानिक आधार पर बेबुनियाद करार दिया और गाड़ी चलाने वालों को अपुष्ट ऑनलाइन खबरों के बजाय अपनी गाड़ी बनाने वाली कंपनी के मैनुअल तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशानिर्देशों पर भरोसा करने की सलाह दी. करणा ने बताया कि हेड प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल की अगुवाई वाली आईआईटीकानपुर की इंजन रिसर्च लैबोरेटरी एथनॉलमिश्रित ईंधन पर व्यापक अध्ययन कर रही है.

माइलेज में भी कोई खास कमी नहीं

उन्होंने कहा, संस्थान के अध्ययनों में ई20 के कारण गाड़ियों के माइलेज में कोई खास कमी नहीं पाई गई. माइलेज में कोई भी बदलाव दरअसल ईंधन के बजाय गाड़ी चलाने की आदतों, सड़क की स्थिति और गाड़ी के रखरखाव से ज्यादा प्रभावित होता है. शोधकर्ताओं के मुताबिक अब तक किए गए परीक्षणों में इंजन के टिकाऊपन या गाड़ी की रफ्तार एवं माइलेज पर ई20 ईंधन का कोई प्रतिकूल असर नहीं देखा गया है. करणा ने साथ ही बताया कि इंजन रिसर्च लैबोरेटरी के दल ने 85 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित ईंधन का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. हालांकि, इतने ज्यादा मिश्रण के लिए खास तौर पर तैयार किए गए इंजन और उपयुक्त ईंधन प्रणाली की जरूरत होती है.

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