
दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे इंतजार के बाद मुक्त व्यापार समझौता लागू हो गया है। इस समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन के बाजार में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर इस्पात उद्योग को बड़ा फायदा होगा, क्योंकि अब भारत हर साल 11 लाख टन से अधिक इस्पात का ब्रिटेन को शुल्कमुक्त निर्यात कर सकेगा। यह समझौता व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता के नाम से लागू हुआ है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना, शुल्क घटाना और निवेश को बढ़ावा देना है।
भारतीय स्टील निर्यातकों को कैसे मिलेगा फायदा?
ब्रिटेन की ओर से लगाए गए इस्पात सुरक्षा उपायों के कारण भारतीय निर्यातकों के सामने चुनौतियां थीं। बातचीत के बाद दोनों देशों ने इसका समाधान निकाला और भारत के लिए स्टील निर्यात का कोटा बढ़ाया गया।
समझौते के तहत
भारत को 1,68,029 टन का देशविशिष्ट कोटा मिलेगा। इसके अलावा 9.45 लाख टन का विशेष कोटा अधिकृत उपयोग योजना के तहत उपलब्ध होगा। कुल मिलाकर भारतीय कंपनियां 11 लाख टन से अधिक स्टील शुल्कमुक्त निर्यात कर सकेंगी। इसके अलावा कुछ स्टील उत्पादों पर ब्रिटेन ने प्रतिबंधों में भी राहत दी है।
कौन से स्टील उत्पादों को फायदा मिलेगा?
भारत के कई प्रमुख स्टील उत्पादों को नए समझौते से लाभ मिलेगा। हॉटरोल्ड शीट और स्ट्रिप श्रेणी में भारत का कोटा करीब तीन गुना बढ़ाया गया है। गैरमिश्रधातु तार की कई श्रेणियों को सुरक्षा उपायों से बाहर किया गया है। मर्चेंट बार और लाइट सेक्शन तथा वेल्डेड ट्यूब जैसी श्रेणियों में भी कोटा बढ़ाया गया है। इससे भारतीय स्टील कंपनियों को ब्रिटेन के बाजार में ज्यादा अवसर मिलेंगे।
भारतब्रिटेन व्यापार को कितनी मिलेगी रफ्तार?
इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच वार्षिक व्यापार मौजूदा करीब 48 अरब पाउंड से बढ़कर दोगुना हो सकता है। इसके साथ ही लंबे समय में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को हर साल करीब 5 अरब पाउंड का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान जताया गया है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?
FTA का लाभ केवल स्टील तक सीमित नहीं रहेगा। कई उद्योगों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की संभावना है।
प्रमुख क्षेत्र
कपड़ा उद्योग
जूतेचप्पल उद्योग
इंजीनियरिंग उत्पाद
खाद्य प्रसंस्करण
स्वास्थ्य सेवाएं
वित्तीय सेवाएं
वैमानिकी क्षेत्र
इन क्षेत्रों में कारोबार बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
उद्योग जगत ने किया स्वागत
भारत और ब्रिटेन के कारोबारी संगठनों ने इस समझौते का स्वागत किया है। उद्योग जगत का कहना है कि शुल्क में कमी और बाजार तक आसान पहुंच से छोटेबड़े कारोबारियों को फायदा मिलेगा। ब्रिटेन की सिटी ऑफ लंदन की लॉर्ड मेयर डेम सुसान लैंगली ने इसे व्यापार, निवेश और विस्तार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देगा।
भारतब्रिटेन FTA में क्याक्या शामिल है?
भारतब्रिटेन CETA में कुल 30 अध्याय हैं। इनमें शामिल हैं
वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार
डिजिटल व्यापार
बौद्धिक संपदा अधिकार
सरकारी खरीद
तकनीकी बाधाएं
स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता नियम