
लखनऊ, अमृत विचार : 69000 शिक्षक भर्ती के तहत जारी 6800 की सूची में शामिल अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने बुधवार को केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से उनके लखनऊ स्थित कैंप कार्यालय में मुलाकात की और अपनी बात रखी। केन्द्रीय मंत्री ने अभ्यर्थियों को उचित कार्यवाही का अश्वासन दिया है।
उधर, धरना स्थल इको गार्डन में अभ्यर्थियों का धरना भी जारी हैं। वहां मौजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती मामले में प्रदेश की सरकार शुरू से ही हीलाहवाली करती रही है. इसी वजह से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया और वहां भी सरकार अपना पक्ष रखने से दूर भागती है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होनी है। इसी संबंध में केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमण्डल जिनमें अमित मौर्य, विक्रम यादव, इरशाद, धनंजय गुप्ता ने मुलाकात की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में कही बातों के मुताबिक काम नहीं कर रही है इसीलिए वह सभी धरने पर बैठे हैं। बीते 19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सरकार के अधिवक्ता ने 13 अगस्त 2024 हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार लिस्ट री—विजिट करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा था। जो पूरा हो चुका है लेकिन सरकार कार्रवाई नहीं कर रही।
विक्रम और अमित मौर्य ने बताया की उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों की अनदेखी के कारण आरक्षित वर्ग के हजारों अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। पिछले लगभग 6 वर्षों से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार आरक्षण नियमों के पालन की मांग करते हुए चले आ रहें है। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा था सुप्रीम कोर्ट ने जो समय दिया था वह पूरा हो चुका है लेकिन सरकार द्वारा अभी तक लिस्ट री—विजिट नहीं की गयी है इससे अभ्यर्थी नाराज हैं।
धरना स्थल पर संग्राम सिंह निषाद, पुष्पेन्द्र कुमार, मोनू चाहर, अवधेश कुमार, विवेक चाहर, विनय कुमार, कृष्णा पटेल, सौरभ कुमार, भास्कर, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।