आईटीसी के शेयर जनवरी से अब तक 31% गिरे हैं, जिससे विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी घटाई है। हालांकि, जून 2026 तिमाही तक आम निवेशकों ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

देश की दिग्गज कंपनी आईटीसी लिमिटेड के शेयरधारकों के लिए यह साल अब तक काफी हद खराब रहा। क्योंकि, कंपनी के शेयर जनवरी से लेकर अब तक 31 फीसदी तक टूट चुके हैं। अकेले जनवरी में यह शेयर 20 प्रतिशत तक गिर गया था, क्योंकि सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर टैक्स की नई दरें लागू करने का एलान किया था।
इसके बाद से आईटीसी के शेयरों में लगातार गिरावट आई और अब कंपनी के शेयर होल्डिंग पैटर्न पर अपडेट आया है, और घरेलू व विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कंपनी में हिस्सेदारी घटाई है।
FIIs और DIIs की कितनी हिस्सेदारी
आईटीसी में जून 2026 तिमाही तक विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी आंशिक रूप से कम हुई है और यह 34.23 फीसदी है। इससे पहले मार्च 2026 में यह 34.83 और दिसंबर 2025 में 36.11 फीसदी थी यानी जनवरी के बाद से जून तक विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 2 प्रतिशत तक घटी है।
वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक की जून 2026 तक आईटीसी में कुल हिस्सेदारी 49.13 फीसदी है, जो मार्च 2026 में 49.15 और दिसंबर 2025 में 48.90 प्रतिशत थी। हालांकि, विदेशी निवेशकों की तुलना में घरेलू निवेशक बेहद मामूली रूप से कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटाई है।
पब्लिक और सरकार का कितना स्टैक?
वहीं, आईटीसी में सरकार की हिस्सेदारी 0.04 फीसदी के स्तर पर बरकरार है। इसके अलावा, पब्लिक ने यहां स्टैक बढ़ाया है। दिसंबर 2025 में पब्लिक की हिस्सेदारी 14.95 फीसदी थी जो मार्च 2026 में बढ़कर 15.96 प्रतिशत हो गई और जून 2026 में यह 16.60 प्रतिशत है, यानी जहां विदेशी निवेशकों ने आईटीसी में स्टैक बेचा तो आम निवेशकों ने हिस्सेदारी बढ़ाई।
बता दें कि आईटीसी का मार्केट कैप फिलहाल, 3.47 लाख करोड़ रुपये है। यह देश की दिग्गज सिगरेट और एफएमसीजी कंपनी है।