
बरेली, अमृत विचार। सथरापुर स्थित नगर निगम के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन सौर ऊर्जा से किया जाएगा, जिससे बिजली खर्च कम होगा। कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। परिसर को ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित करने के लिए 400 अशोक के पौधे लगाए जा रहे हैं।
मेयर डॉ. उमेश गौतम और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बुधवार को प्लांट का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने सोलर सिस्टम, कचरा प्रसंस्करण इकाइयों, हरित विकास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के अनुसार प्लांट शुरू होने के बाद शहर के ठोस कचरे का आधुनिक तकनीक से वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा। इससे पारंपरिक बिजली की खपत घटेगी, संचालन अधिक किफायती होगा और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
मेयर डा. उमेश गौतम का कहना है कि प्लांट को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि इसके संचालन से स्वच्छता, ऊर्जा संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा मिल सके। आने वाले समय में यह प्लांट नगर निगम की आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का मॉडल बनेगा।
बायो सीएनजी परियोजना पर भी चल रहा काम
सथरापुर प्लांट में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बायो सीएनजी परियोजना पर भी कार्य किया जा रहा है। योजना पूरी होने पर गीले कचरे से बायो गैस और सीएनजी तैयार की जाएगी, जिसका उपयोग निगम के वाहनों में किया जा सकेगा। इससे डीजल पर निर्भरता कम होगी और ईंधन खर्च में भी कमी आएगी। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना शहर के ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।