
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। सरकार ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में डॉक्टरों के स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों का पूरा विवरण उपलब्ध रहेगा, जिससे संविदा भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
24 घंटे खुला रहेगा पोर्टल, हर रिक्त पद की होगी जानकारी
नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन पोर्टल पूरे वर्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। किसी भी जिले में यदि डॉक्टर का एक भी पद रिक्त होगा तो उसकी जानकारी तत्काल पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इससे स्वास्थ्य विभाग को प्रदेशभर में रिक्तियों की लगातार निगरानी करने और समय पर भर्ती सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में 6 हजार से ज्यादा डॉक्टरों के पद खाली
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश में स्वीकृत पदों की तुलना में 6 हजार से अधिक डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। इन रिक्तियों को भरने के लिए पहले चरण में करीब 3 हजार डॉक्टरों की संविदा पर नियुक्ति की जाएगी, जिससे सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
वॉकइन इंटरव्यू से होगा चयन
संविदा डॉक्टरों का चयन जिला स्तर पर गठित समितियों द्वारा वॉकइन इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया को सरल और तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक लाख रुपये मासिक मानदेय मिलेगा
संविदा पर नियुक्त डॉक्टरों की प्रारंभिक नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी। इसके बाद प्रदर्शन और आवश्यकता के आधार पर हर वर्ष अनुबंध का नवीनीकरण किया जाएगा। अधिकतम तीन वर्ष तक संविदा बढ़ाई जा सकेगी। चयनित डॉक्टरों को प्रति माह एक लाख रुपये मानदेय दिया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया में आएगी पारदर्शिता
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल लागू होने से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को तेजी से दूर किया जा सकेगा।