Quick Samachar: Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में तीन साल की बच्ची जाह्नवी का लापता होना एक बड़ा रहस्य बन गया है. काकीनाडा जिले के तुनी मंडल के डोंडावाका इलाके से लापता हुई जाह्नवी को खोजने के लिए पिछले 12 दिनों से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. इसी बीच, घटना स्थल के पास ताड़ के तेल के बागान की बाड़ से दो अजीबोगरीब गुड़िया लटकी हुई मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोग इसे किसी अंधविश्वास या तांत्रिक क्रिया से जोड़कर देखने लगे थे, लेकिन अब पुलिस ने इस रहस्य पर से पर्दा उठा दिया है.

बगीचे में लटकी दो गुड़िया और खोजी कुत्ते की मौत… 40 एकड़ के घने बागान में गायब मासूम जाह्नवी का रहस्य बरकरार, ढूंढ रहे 200 जवान​
बगीचे में लटकी दो गुड़िया और खोजी कुत्ते की मौत… 40 एकड़ के घने बागान में गायब मासूम जाह्नवी का रहस्य बरकरार, ढूंढ रहे 200 जवान​

तुनी ग्रामीण पुलिस ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि वे गुड़ियां किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद पुलिस टीम ने जांच के हिस्से के रूप में वहां रखी थीं. चूंकि यह एक घना वन क्षेत्र है, इसलिए पुलिस को अंदेशा था कि बच्ची पर किसी जंगली जानवर ने हमला किया हो सकता है. घटना के पुनर्निर्माण के लिए पुलिस ने उन गुड़ियों में मुर्गी के मांस के टुकड़े बांधकर लटकाए थे, ताकि अगर वहां कोई हिंसक जानवर या अजगर हो, तो वह उसकी तरफ आकर्षित हो सके.

40 एकड़ का बागान और हाईटेक सर्च ऑपरेशन

जाह्नवी की खोज के लिए सरकार और प्रशासन पूरी ताकत झोंक चुके हैं. पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के 200 से अधिक जवान 40 एकड़ में फैले घने ताड़ के बागानों और जंगलों की खाक छान रहे हैं. इस ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. आधी रात को भी गर्मी के आधार पर इंसानों और जानवरों की हलचल पकड़ने वाले थर्मल ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं.

लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग, जीपीएस ट्रैकिंग और रेडिएशन डिटेक्टर मशीनों के जरिए घने जंगलों का निरीक्षण किया जा रहा है. इतने बड़े स्तर पर प्रयास करने के बाद भी बच्ची का कोई सुराग न मिलना चिंता का विषय बना हुआ है.

अपहरण या वन्यजीव का हमला?

जांच टीम इस बात को लेकर उलझी हुई है कि क्या बच्ची पर किसी अजगर या अन्य जानवर ने हमला किया, या फिर उसका अपहरण हुआ है. हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस क्षेत्र में कोई जंगली जानवर मौजूद नहीं हैं. ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि बच्ची अकेले सुरक्षित बाड़ को पार करके बाहर कैसे जा सकती है?

गृह मंत्री ने जताया दुख, खोजी कुत्ते की मौत से बढ़ा रहस्य

राज्य की गृह मंत्री वंगलपुडी अनीता ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि वह हर दिन जिला एसपी से इस केस की प्रोग्रेस रिपोर्ट ले रही हैं. उन्होंने बच्ची के मातापिता, भवानी और गणेश, से जल्द ही मुलाकात करने का भरोसा दिया है.

इस मामले में एक और दुखद मोड़ तब आया जब बच्ची को खोजने में मदद कर रहा एक खोजी कुत्ता अचानक मृत पाया गया. गृह मंत्री ने बताया कि कुत्ते का पोस्टमार्टम करा दिया गया है और एक दिन में रिपोर्ट आने के बाद मौत की सही वजह साफ हो पाएगी. फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है.