Quick Samachar: बदलते मौसम में सर्दी, खांसी और सांस की तकलीफ को हम अक्सर आम वायरल मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे की वजह आपके घर के कोने में पनप रहे कॉकरोच भी हो सकते हैं। मेडिकल साइंस के मुताबिक, जिंदा ही नहीं बल्कि मरे हुए कॉकरोच भी घर के भीतर की हवा को जहरीला बना देते हैं, जो गंभीर एलर्जी की वजह बनते हैं। अगर आपके घर में भी बच्चे या बुजुर्ग अस्थमा से पीड़ित हैं, तो एक्सपर्ट्स की यह रिपोर्ट आपको जरूर पढ़नी चाहिए।

ज्यादातर लोग कॉकरोच से इसलिए डरते हैं क्योंकि वे गंदगी फैलाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिंदा ही नहीं, मरे हुए कॉकरोच भी आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं? हाल ही में बेंगलुरु के कॉमेडियन और स्टोरीटेलर वर्नन जेआर ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें जिंदा नहीं बल्कि मृत कॉकरोच से एलर्जी है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि एलर्जी का कारण कोई डेथ गैस नहीं, बल्कि कॉकरोच से निकलने वाले एलर्जन होते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि घर में पनप रहे कोकरोच कैसे एलर्जी का कारण बनते हैं और अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ाते हैं।

कॉकरोच कैसे एलर्जी को करते हैं ट्रिगर

शारदा केयर हेल्थ सिटी में एसोसिएट डायरेक्टर, पल्मोनरी मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर डॉ. हरीश वर्मा के अनुसार, जिंदा और मृत दोनों तरह के कॉकरोच एलर्जी को ट्रिगर कर सकते हैं। जिंदा कॉकरोच अपनी लार, मल और दूसरे कण छोड़ते हैं, जो घर की धूल में मिलकर हवा में फैल जाते हैं। वहीं मृत कॉकरोच के शरीर के टूटने से बने सूक्ष्म कण भी सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। डॉ. वर्मा बताते हैं कि कॉकरोच एलर्जी उतनी दुर्लभ नहीं है जितना लोग सोचते हैं। यह समस्या खासतौर पर भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों, नमी वाले वातावरण और खराब स्वच्छता वाले स्थानों पर ज्यादा देखने को मिलती है। अस्थमा या दूसरी एलर्जी से पीड़ित बच्चों और वयस्कों में इसका खतरा अधिक होता है।

कॉकरोच से एलर्जी की वजह क्या है?

कॉकरोच एलर्जी मुख्य रूप से उनके मल, लार, झड़ी हुई त्वचा और मृत शरीर में मौजूद प्रोटीन के कारण होते है। ये एलर्जन धूल और हवा के जरिए घर के वातावरण में फैल जाते हैं। संवेदनशील लोगों में इन कणों के संपर्क में आने पर इम्यून सिस्टम अत्यधिक प्रतिक्रिया देता है और एलर्जी के लक्षण शुरू हो जाते हैं।

कॉकरोच से एलर्जी होने पर बॉडी में कौन से दिखते हैं लक्षण

  • छींक आना
  • नाक बहना
  • आंखों में खुजली
  • स्किन पर रैशेज
  • खांसी
  • हल्की घरघराहट हो सकती है।

गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें

कुछ मामलों में एलर्जी गंभीर रूप ले सकती है। इसकी वजह से

  • सांस लेने में कठिनाई
  • तेज घरघराहट
  • सीने में जकड़न
  • होंठों का नीला पड़ना
  • चक्कर आना
  • चेहरे या गले में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर सांस लेने में परेशानी बढ़ जाए या चेहरे और गले में सूजन दिखाई दे तो इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

क्या हो सकता है जान का खतरा?

डॉ. वर्मा के मुताबिक गंभीर कॉकरोच एलर्जी अस्थमा के मरीजों में खतरनाक अटैक का कारण बन सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर ऑक्सीजन का स्तर गिर सकता है और स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। हालांकि ऐसे मामले दुर्लभ हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और फेफड़ों की पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।

बचाव और इलाज

कॉकरोच एलर्जी की पहचान मेडिकल हिस्ट्री, लक्षणों, स्किन या ब्लड एलर्जी टेस्ट के जरिए की जाती है। इसके बचाव के लिए घर की साफसफाई बनाए रखना और कॉकरोचों को पनपने से रोकना सबसे जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एंटीहिस्टामिन, नेजल स्प्रे, इनहेलर या इम्यूनोथेरेपी लेने की सलाह दे सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता, शैक्षणिक उद्देश्यों और सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। लेख में डॉक्टर द्वारा साझा किए गए विचार उनके चिकित्सकीय अनुभव और वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। यदि आपको या आपके परिवार में किसी को सांस लेने में कठिनाई, तेज घरघराहट या एलर्जी के गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानें और तुरंत किसी प्रमाणित डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। किसी भी दवा या इनहेलर का उपयोग बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।