Quick Samachar: भारतीय प्राइमरी मार्केट में पैसा लगाने वाले और लिस्टिंग गेन की राह देखने वाले निवेशकों के लिए एक ऐसी ऐतिहासिक खबर आ रही है, जो दलाल स्ट्रीट के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर देगी. देश के कॉर्पोरेट और स्टॉक मार्केट इतिहास का सबसे बड़ा ‘डबल धमाका’ होने जा रहा है. दिग्गज कारोबारी मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम और देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज , दोनों ही इसी हफ्ते अपने बहुप्रतीक्षित मेगा पब्लिक इश्यू के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा कर सकते हैं. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों कंपनियां मिलकर प्राइमरी मार्केट से कुल मिलाकर 6 बिलियन डॉलर की भारीभरकम पूंजी जुटाने जा रही हैं. यह भारतीय इतिहास में अपनी तरह की पहली और सबसे बड़ी संयुक्त आईपीओ फाइलिंग होगी.

जियो का महाइश्यू: LIC का रिकॉर्ड टूटना तय!
अकेले रिलायंस जियो का पब्लिक इश्यू भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की राह पर है. आंकड़ों को देखें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी इस टेलीकॉम और डिजिटल यूनिट में से अपनी कुछ हिस्सेदारी बाजार में बेचेगी. अनुमान है कि जियो का आईपीओ अकेले ही 4 बिलियन डॉलर का हो सकता है. यदि ऐसा होता है, तो यह साल 2022 में आए सरकारी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी के 21,000 करोड़ रुपए के आईपीओ के रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ देगा.
NSE IPO: सालों का इंतजार इसी हफ्ते होगा खत्म
स्टॉक मार्केट प्रेमी पिछले कई सालों से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. कई तरह की टेक्नीकल और रेगुलेटरी अड़चनों के कारण यह इश्यू अटका हुआ था. आखिरकार सेबी से हरी झंडी मिलने के बाद, एनएसई भी इसी हफ्ते जियो के साथ ही बाजार में उतरने की तैयारी में है. एनएसई का आईपीओ 2 से 2.5 बिलियन डॉलर करीब 23 हजार करोड़ रुपए होने की उम्मीद है. चूंकि बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम और रिटेल निवेशकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर है, इसलिए इस शेयर को लेकर ग्रे मार्केट में पहले से ही भारी प्रीमियम देखा जा रहा है.
प्राइमरी मार्केट का महासंग्राम: LIC का रिकॉर्ड बनाम JIONSE
मार्केट लिक्विडिटी की होगी असली परीक्षा
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार एक ही हफ्ते के भीतर 56,000 करोड़ से ज्यादा के दो दो मेगा आईपीओ के प्रस्ताव आना भारतीय फाइनेंशियल सिस्टम की ताकत की असली परीक्षा होगी. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘डबल धमाका’ ऐसे समय पर आ रहा है जब घरेलू रिटेल निवेशकों का म्यूचुअल फंड और डायरेक्ट इक्विटी में भरोसा चरम पर है. भले ही विदेशी निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हों, लेकिन जियो और एनएसई जैसे घरेलू दिग्गजों के आईपीओ में केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड्स और पेंशन फंड्स खुलकर पैसा लगाएंगे. यदि रिलायंस जियो और एनएसई इस हफ्ते अपने दस्तावेज जमा कर देते हैं, तो साल 2026 की दूसरी छमाही भारतीय शेयर बाजार के लिए ‘आईपीओ के स्वर्ण युग’ के रूप में दर्ज हो जाएगी. रिटेल निवेशकों के लिए यह अपनी तरह का सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएशन का मौका साबित हो सकता है.
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