Quick Samachar: CREST Fund Scam Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो ने चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी से जुड़े 75.34 करोड़ रुपये के कथित फंड गबन मामले में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट चंडीगढ़ स्थित विशेष CBI अदालत में प्रस्तुत की गई है।

CBI का बड़ा एक्शन: CREST फंड घोटाले में पहली चार्जशीट दाखिला, 13 लोगों पर गंभीर आरोप​
CBI का बड़ा एक्शन: CREST फंड घोटाले में पहली चार्जशीट दाखिला, 13 लोगों पर गंभीर आरोप​

CBI ने इस मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें IDFC फर्स्ट बैंक के 5 अधिकारी, CREST के 2 सरकारी कर्मचारी, 2 शेल कंपनियां और 4 निजी व्यक्ति शामिल हैं। सभी आरोपियों पर फिलहाल न्यायिक हिरासत में होने की जानकारी दी गई है।

 75.34 करोड़ रुपये की सरकारी राशि की धोखाधड़ी

के अनुसार, CREST के बैंक खातों से 75.34 करोड़ रुपये की सरकारी राशि कथित रूप से धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत निकाली गई। आरोप है कि बैंक अधिकारियों और CREST के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से इस धन का गबन किया गया। इसके बाद यह पैसा विभिन्न निजी व्यक्तियों और संस्थाओं तक पहुंचाया गया, जिन्होंने इसका लाभ उठाया।

किन धाराओं में केस दर्ज?

चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत भी कार्रवाई की गई है। CBI ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पहली चार्जशीट है और जांच के आधार पर आगे और भी चार्जशीट दाखिल की जाएंगी।

CBI की अन्य बड़ी जांचें भी जारी

CBI ने बताया कि वह इसी तरह के तीन बड़े वित्तीय गबन मामलों की जांच कर रही है। इनमें के 8 विभागों से जुड़े बैंक फ्रॉड केस और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले शामिल हैं। हरियाणा केस में एजेंसी पहले ही 17 आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जबकि स्मार्ट सिटी मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। अब CREST मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की गई है।

CBI ने कहा है कि वह भ्रष्टाचार और वित्तीय अपराधों की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए प्रतिबद्ध है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।