Quick Samachar: तेलंगाना पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पतिपत्नी को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों ने यूट्यूब वीडियो देखकर नकली नोट बनाने की तकनीक सीखी और फिर घर में ही 500 रुपये के फर्जी नोट छापने का काम शुरू कर दिया.

यूट्यूब से ली ट्रेनिंग, फिर दनादन 500-500 के नकली नोट छापने लगे पति-पत्नी​
यूट्यूब से ली ट्रेनिंग, फिर दनादन 500-500 के नकली नोट छापने लगे पति-पत्नी​

पुलिस ने मुख्य आरोपी 38 वर्षीय बेजवाड़ा राजीव उर्फ राजू और उसकी 26 वर्षीय पत्नी दुर्गम पावनी को गिरफ्तार किया है. उनके घर से नकली नोट, प्रिंटरस्कैनर, बॉन्ड पेपर और नकली करेंसी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया है.

नलगोंडा के डीएसपी के. शिवराम रेड्डी ने बताया कि आरोपियों ने यूट्यूब वीडियो देखकर नकली नोट छापने की प्रक्रिया सीखी थी. इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन HP प्रिंटर, बॉन्ड पेपर और अन्य जरूरी सामग्री खरीदी और अपने घर को ही नकली नोटों की फैक्ट्री में बदल दिया.

पुलिस के मुताबिक आरोपी उच्च गुणवत्ता वाले बॉन्ड पेपर पर 500 रुपये के नकली नोट प्रिंट करते थे. इसके बाद कैंची और स्टील के स्केल की मदद से उन्हें असली नोट के आकार में काटा जाता था. नकली नोटों को इस तरह तैयार किया जाता था कि पहली नजर में वे असली नोट जैसे दिखाई दें.

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों, साप्ताहिक हाट, छोटी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते थे. ऐसे स्थानों पर लेनदेन तेजी से होने के कारण नकली नोटों की पहचान तुरंत नहीं हो पाती थी. गिरोह खास तौर पर बुजुर्ग दुकानदारों को निशाना बनाता था.

इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक दूध विक्रेता अवुला किरण को 500 रुपये का नकली नोट मिला. उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई.

पुलिस ने 15 जून को आरोपियों के घर पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान 500 रुपये के 15 नकली नोट, जिनकी कुल कीमत 7,500 रुपये है, बरामद किए गए. इसके अलावा एक HP प्रिंटरकमस्कैनर, 100 शीट बॉन्ड पेपर, कटे हुए कागज, कैंची, स्टील स्केल, स्पार्कल पेन और एक बिना पंजीकरण वाली पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई.

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौनकौन लोग शामिल हैं और अब तक कितने नकली नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं. जांच के दौरान यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी राजीव का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है. उसके खिलाफ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास और नकली नोटों से जुड़े कई मामले दर्ज हैं. उसके खिलाफ मिर्यालगुडा पुलिस थाने में ‘राउडी शीट’ भी खुली हुई है.

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस गिरोह के तार किसी बड़े नकली करेंसी रैकेट से तो नहीं जुड़े हैं.

💬 Comments (0)

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *