Quick Samachar: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को दावा किया था कि सपा में एक बड़े विभाजन की संभावना है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। वहीं, दूसरी ओर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ओपी राजभर के इस दावे को खारिज कर दिया। अब बीजेपी नेता केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि सपा में जल्द फूट पड़ने वाली है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “समाजवादी पार्टी में ही करीब 26 विधायक करने को तैयार हैं। हम पार्टी को तोड़ने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। 2027 के चुनाव नजदीक आने पर वे खुद ही पार्टी छोड़ देंगे। समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव के हाथों नहीं चल रही है।”
इससे पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के उस दावे को खारिज कर दिया था जिसमें सपा में जल्द ही विभाजन होने की बात कही गई। अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी मजबूत बनी हुई है और आरोप लगाया कि भाजपा का प्रलोभन और दबाव के माध्यम से दलों को तोड़ने का इतिहास रहा है।
अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी मजबूत बनी हुई है
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अखिलेश ने कहा, जो लोग दूसरी पार्टियों में फूट का अनुमान लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपनी स्थिति पर नजर डालनी चाहिए। अखिलेश ने कहा कि भाजपा पहले भी कई राजनीतिक दलों को तोड़ने में सफल रही है, जिसमें विधायकों और नेताओं को समाजवादी पार्टी से दूर करना भी शामिल है। उन्होंने कहा, ”अगर आप उत्तर प्रदेश को देखें तो कई सपा विधायकों, विधानपरिषद सदस्यों और यहां तक कि राज्यसभा सदस्यों को भी छीन लिया गया। इसके पीछे कोई स्वार्थ, कोई लालच या कोई डर रहा होगा। जो लोग डर जाते हैं, वे अपनी पार्टी छोड़ देते हैं।”
सपा में बड़े विभाजन की संभावना ओपी राजभर
अखिलेश की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के उस दावे के बाद आई जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सपा में एक बड़े विभाजन की संभावना है और पार्टी के कई नेता भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा था, हालांकि उन्होंने कथित पत्र का विवरण नहीं दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कथित पिछले ‘घोटालों’ की जांच के दबाव ने सपा को चिंतित कर दिया है और उसके कई नेता निष्ठा बदलकर भाजपा में जाने के लिए तैयार हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए
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