Quick Samachar: बॉलीवुड एक्टर्स काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े की फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस’ रिलीज से पहले ही कानूनी विवादों में घिर गई है। फिल्म में भारत के कृषि और खाद्य उत्पादन क्षेत्र को दिखाए जाने के तरीके पर आपत्ति जताते हुए मेकर्स को लीगल नोटिस भेजा गया है। 15 जून को एग्री बिजनेस सेंटर के मालिक भावेश सोधा की तरफ से वकील ने जी स्टूडियोज, एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज एलएलपी और फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा।

शिकायत में कहा गया है कि फिल्म के टीजर और प्रचार सामग्री में भारतीय कृषि, डेयरी और पोल्ट्री उद्योग को लेकर गलत, भ्रामक और बिना वैज्ञानिक आधार वाले दावे किए गए हैं, जिससे इन क्षेत्रों की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी : स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस’ के खिलाफ शिकायत

नोटिस के मुताबिक, ये फिल्म भारतीय कृषि व्यवस्था को ‘स्लो पॉइजन’ यानी धीमे जहर का सोर्स बताती है। साथ ही कीटनाशकों के इस्तेमाल, खाद्य पदार्थों में मिलावट और कैंसर के बढ़ते मामलों को इस तरह पेश किया गया है, जिससे किसानों, डेयरी और पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों की छवि प्रभावित हो सकती है और आम लोगों में बेवजह डर फैल सकता है।

शिकायतकर्ता ने फिल्म के कई दृश्यों और दावों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भारत में कीटनाशकों के ज्यादा इस्तेमाल का दावा वास्तविक नहीं है, क्योंकि प्रति हेक्टेयर कीटनाशक खपत कई देशों की तुलना में कम है। दूध में मिलावट और मृत चिकन में इंजेक्शन लगाने जैसे दृश्य भी वैज्ञानिक रूप से भ्रामक बताए गए हैं।

रिलीज से पहले शिकायतकर्ता की मांगे

नोटिस में यह भी कहा गया है कि फिल्म में बिना ठोस वैज्ञानिक प्रमाण के कृषि तकनीक को सीधे के बढ़ते कैंसर मामलों से जोड़ा गया है। शिकायतकर्ता ने निर्माताओं से फिल्म में दिखाए गए सभी आंकड़ों, शोध, सोर्स और वैज्ञानिक आधार पब्लिक करने, टीजर और बाकी प्रचार सामग्री को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाने और फिल्म के रिलीज से पहले जरूरी बदलाव करने की मांग की है।

बता दें कि ये फिल्म खाने की चीजों में बढ़ती मिलावट जैसे बड़े मुद्दे को दिखाती है। जी स्टूडियोज और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि सागर बी. शिंदे इसके लेखक और निर्माता हैं। फिल्म 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।