Quick Samachar: भारत को अनादिकाल से ही अध्यात्म की जननी माना जाता है। यह वह भूमि है जहां वेदों, उपनिषदों और गीता जैसे पवित्र ग्रंथों का जन्म हुआ। भारत में अध्यात्म जीवन का एक अभिन्न अंग है और यह आत्मा, परमात्मा और आत्मजागृति की खोज पर केंद्रित है। इसी धरती पर साल में एक बार कुछ आध्यात्मिक यात्राएं भी निकलती हैं, जो अपने अंदर गहरे रहस्य समेटे हुए हैं। इस यात्रा में लाखोंहजारों लोग भाग लेते हैं। खासकर जुलाई और अगस्त के महीने में कई धार्मिक यात्राएं निकलती हैं।

यह समय सावन माह के साथ भी जुड़ा होता है, जिसे भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा से लेकर ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली भव्य रथ यात्रा तक, देशभर से लाखों श्रद्धालु इन धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। यह यात्राएं न केवल आस्था का केंद्र हैं, बल्कि लोगों को आध्यात्मिक शांति, सांस्कृतिक अनुभव और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का मौका मिलता है। आइए जानते हैं 2026 में जुलाई और अगस्त में निकलने वाली 5 प्रमुख धार्मिक यात्राओं के बारे में।

1 अमरनाथ यात्रा

अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म के सबसे पवित्र यात्राओं में से एक है। इसमें भक्त जम्मूकश्मीर में स्थित बाबा अमरनाथ की गुफा तक जाते हैं, जहां प्राकृतिक बर्फ से बने शिवलिंग का दर्शन करते हैं। इस साल यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। इसके लिए 15 अप्रैल 2026 से ही रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन शुरू हो चुका है।

2 कांवड़ यात्रा

कांवड़ यात्रा महादेव को समर्पित एक पवित्र यात्रा है, जो सावन के महीने में की जाती है। भक्त मुख्य रूप से गंगाजल हरिद्वार, गंगोत्रीगोमुख, त्रिवेणी संगम और बिहार के सुल्तानगंज से भरकर पैदल चलकर शिवालयों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। यह यात्रा 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी।

3 पुरी रथ यात्रा

दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक उत्सवों में से एक ओडिशा का पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा है। इसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा तीन बड़े रथों में सवार होकर जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक जाते हैं। पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा इस साल 16 जुलाई से शुरू होगी और 24 जुलाई को वापसी यात्रा होगी। उत्सव 25 जुलाई तक चलता है।

4 पंढरपुर वारी

महाराष्ट्र की सबसे बड़ी वैष्णव यात्रा पंढरपुर वारी , भगवान विठोबा को समर्पित है। मुख्य दिन आषाढ़ी एकादशी 25 जुलाई 2026 को होगा। यात्रा जून से शुरू होकर जुलाई तक चलती है, जिसमें हजारों भक्त पैदल चलते हैं और ‘विठ्ठलविठ्ठल’ का जाप करते हैं।

5 कैलाश मानसरोवर यात्रा

सनातन धर्म के सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक कैलाश मानसरोवर यात्रा है, जो भगवान शिव को समर्पित है। हिंदू धर्म के अलावा इसका बौद्ध धर्म और जैन धर्म में बेहद ही खास आध्यात्मिक महत्व है। यह स्थान मोक्ष प्राप्ति, आंतरिक शांति और पापों के नाश का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यह यात्रा मई से सितंबर तक चलती है, लेकिन जून से अगस्त सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस दौरान मौसम थोड़ा सही रहता है।