Quick Samachar: साल 2026 भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक ऐसा पन्ना जुड़ने जा रहा है, जिसका इंतजार हर छोटेबड़े निवेशक को था. दलाल स्ट्रीट पर इस साल पैसों की बारिश होने वाली है, क्योंकि देश के दो सबसे बड़े महारथी अपनेअपने आईपीओ लेकर आ रहे हैं. एक तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है, जो बाजार का खुद एक बड़ा मंच है, तो दूसरी तरफ रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो है. ये दोनों ही कंपनियां देश का सबसे बड़ा IPO लाने की होड़ में हैं. एनएसई जहां 30,000 करोड़ रुपये का इश्यू ला रहा है, वहीं जियो 37,776 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है.

NSE की तैयारी बाजार पर राज करने की
भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज ने बाजार नियामक सेबी के पास अपने ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं. बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस इश्यू का आकार लगभग 30,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. अगर ऐसा होता है, तो कंपनी का कुल मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर जाएगा. डेरिवेटिव्स कारोबार में दुनिया भर में अपना डंका बजाने वाले इस एक्सचेंज के पहले से ही करीब 1.8 लाख शेयरधारक मौजूद हैं. बीते कुछ सालों में ऑप्शंस ट्रेडिंग का क्रेज जिस तरह से बढ़ा है, उसने कंपनी की कमाई में जबरदस्त इजाफा किया है. अप्रैल 2019 से लेकर अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों पर गौर करें, तो कंपनी का रेवेन्यू दोगुने से भी ज्यादा उछलकर 18,700 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.
मुकेश अंबानी का मास्टरस्ट्रोक रचेगा इतिहास
अभी तक के इश्यू को देश का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा था, लेकिन यह रिकॉर्ड शायद ज्यादा दिन न टिक पाए. रॉयटर्स की एक हालिया रिपोर्ट के हवाले से खबर है कि करीब 4 अरब डॉलर का हो सकता है. भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 37,776 करोड़ रुपये बैठती है, जो एनएसई के संभावित आकार से कहीं ज्यादा बड़ी है. आपको याद दिला दें कि अगस्त 2025 में हुई रिलायंस की 48वीं एजीएम में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने साफ इशारा कर दिया था कि जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही में बाजार में दस्तक दे सकता है. पिछले साल ही मशहूर निवेश बैंक जेफरीज ने इस टेलीकॉम दिग्गज की वैल्यूएशन करीब 180 अरब डॉलर आंकी थी.
पहले आए इन दिग्गजों का क्या हुआ
भारत के आईपीओ बाजार का इतिहास काफी उतारचढ़ाव भरा रहा है. अब तक के सबसे बड़े इश्यू की बात करें तो हुंडई मोटर इंडिया का नाम सबसे ऊपर आता है, जिसने 2024 में 27,858 करोड़ रुपये जुटाए थे. इसके बाद सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी का नंबर है, जिसका 20,557 करोड़ रुपये का इश्यू काफी चर्चा में रहा था. हालांकि, लिस्टिंग के बाद एलआईसी ने निवेशकों को थोड़ा निराश किया. कुछ ऐसा ही हाल 2021 में आई फिनटेक कंपनी पेटीएम का भी रहा था, जिसका 18,300 करोड़ रुपये का इश्यू लिस्टिंग के बाद औंधे मुंह गिर गया. हाल ही में 2025 के दौरान टाटा कैपिटल ने भी 15,511 करोड़ रुपये का बड़ा आईपीओ लाकर बाजार का ध्यान खींचा था.
निवेशक के लिए क्या हैं इसके मायने
एनएसई हो या रिलायंस जियो, ये दोनों ही अपनेअपने सेक्टर की दिग्गज कंपनियां हैं. एक पूरे शेयर बाजार की रीढ़ है, तो दूसरी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी. जब बाजार में इतने बड़े आकार के इश्यू आते हैं, तो यह केवल कंपनियों के लिए ही नहीं बल्कि आम निवेशकों के लिए भी वेल्थ क्रिएशन का एक बड़ा मौका होता है. इन आईपीओ की सफलता से शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ेगा, जिससे लिक्विडिटी में नया उछाल आ सकता है.
💬 Comments (0)
Leave a Comment