Quick Samachar: Lifestyle Digestion Survey 2026: रविवार, 21 जून 2026 को दुनिया भर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर हर कोई अपनी फिटनेस की बात कर रहा है, लेकिन इसी बीच शहरी भारत की लाइफस्टाइल और पेट के पाचन को लेकर एक बहुत ही हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। भारत के मशहूर पर्सनलाइज्ड हेयर हेल्थ प्लेटफॉर्म Traya ने देश के लोगों के पाचन स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी तस्वीर दुनिया के सामने रखी है।

India Gut Health Data: नींद-तनाव से बेहाल दक्षिण भारतीयों का पेट है हेल्दी, नार्थ इंडियन हैं अधिक परेशान​

यह रिपोर्ट मार्च 2026 में कराए गए एक डायग्नोस्टिक हेयर टेस्ट के आंकड़ों पर आधारित है। इस जांच में देश भर के 9,42,451 भारतीयों ने हिस्सा लिया था, जिनमें 5,62,088 पुरुष और 3,80,363 महिलाएं शामिल थीं। इस एनालिसिस में लोगों के बालों की सेहत के साथसाथ उनके पाचन स्वास्थ्य, मानसिक तनाव और सोने के तौरतरीकों जैसी तीन बुनियादी आदतों की पड़ताल की गई है।

देश के पुरुषों में कब्ज और पेट की खराबी

इस सर्वे में पुरुषों और महिलाओं से पेट की सेहत को लेकर अलगअलग तरह के सवाल पूछे गए थे। पुरुषों से मुख्य रूप से कब्ज से जुड़ा एक सीधा सवाल पूछा गया। आंकड़ों से पता चलता है कि देश के लगभग 27.3% पुरुष किसी न किसी प्रकार की आंत्र अनियमितता की समस्या से परेशान हैं। इनमें से 8.2% पुरुष ऐसे हैं जो आईबीएस या बेहद असंतोषजनक मल त्याग जैसी गंभीर पेट की बीमारियों का सामना कर रहे हैं।

अगर हम देश के अलगअलग हिस्सों की बात करें, तो भौगोलिक रूप से पूर्वी भारत के 29.6% और मध्य भारत के 29.7% पुरुषों में पेट खराब रहने या कब्ज की दर सबसे अधिक देखी गई है। वहीं, उत्तर भारत और पश्चिम भारत के मुकाबले दक्षिण भारत के पुरुष इस मामले में काफी बेहतर हैं, जहां सबसे कम यानी सिर्फ 24.0% पुरुषों को ही कब्ज की शिकायत है।

पेट की समस्या

हर दूसरी महिला झेल रही है पेट का संकट

महिलाओं के मामले में पेट की सेहत को मापने के लिए एक बड़ा मूल्यांकन किया गया, जिसमें एसिडिटी, पेट फूलना , गैस, कब्ज, आईबीएस और लूज मोशन जैसी कई समस्याओं को शामिल किया गया था। इस टेस्ट में चौंकाने वाला आंकड़ा आया कि देश की 51.2% महिलाएं यानी हर दूसरी महिला कम से कम एक पाचन संबंधी समस्या से जूझ रही है। इनमें से 23.8% महिलाएं ऐसी हैं जो कब्ज और आईबीएस जैसी गंभीर पेट की बीमारियों का शिकार हैं।

महिलाओं के मामले में भी पूर्वी भारत 55.2% पेट की खराबी के साथ सबसे ऊपर है, जबकि उत्तर भारत की 53.3% महिलाएं इस समस्या से परेशान हैं। त्रया की रिपोर्ट बताती है कि पुरुषों की ही तरह दक्षिण भारत की महिलाएं भी बाकी देश से बेहतर स्थिति में हैं। दक्षिण में महिलाओं में पेट की समस्याओं की सबसे कम दर दर्ज की गई है।

नींद और तनाव में पीछे, पर दक्षिण का पेट दुरुस्त

इस पूरी रिपोर्ट में एक बहुत ही मजेदार और अनोखा पैटर्न देखने को मिला है। नींद की कमी और मानसिक तनाव के मामले में जहां दक्षिण भारत के लोग पूरे देश में सबसे ज्यादा परेशान पाए गए थे, वहीं पाचन यानी पेट की सेहत के मामले में दक्षिण भारत के पुरुष और महिलाएं दोनों ही पूरे देश में सबसे बेहतर स्थिति में हैं।

हेयर हेल्थ प्लेटफॉर्म की रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण और वहां की आदतें लोगों के पेट को तंदुरुस्त रखने में मदद कर रही हैं, भले ही वहां के लोग काम के दबाव की वजह से नींद की कमी और तनाव का शिकार हो रहे हों। इसके विपरीत पूर्वी और मध्य भारत के लोगों को अपने खानपान पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

पेट की समस्या

कोलकाता में पीएम मोदी करेंगे योग

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के मौके पर पीएम मोदी कोलकाता में रहेंगे। इस साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई है। यह थीम हमें याद दिलाती है कि योग के जरिए हम अपने पाचन तंत्र को मजबूत कर बढ़ती उम्र में भी पूरी तरह एक्टिव, आत्मनिर्भर और बेहतर सेहत के मालिक बने रह सकते हैं। इस समय पूरे देश में कॉमन योगा प्रोटोकॉल पर आधारित सामूहिक योग के अभ्यास कराए जा रहे हैं।

इस साल का सबसे मुख्य राष्ट्रीय योग कार्यक्रम पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित होने जा रहा है। इस भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व खुद करेंगे। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने पाचन को सुधारने और पेट की बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए योग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा जरूर बनाएं।