Quick Samachar: Bulldozer Action For Kanpur Murder Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज 5 हजार रुपए के मामूली विवाद में एक युवक की इतनी बेरहमी से हत्या कर दी गई कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखकर डॉक्टरों के भी होश उड़ गए। मृतक के सिर की हड्डियां भीतर से पूरी तरह चकनाचूर मिलेंगी।

वारदात कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के हाथीपुर गांव की है, जहां डीसीएम चालक गोलू सिंह का शव जेके ढाबा के पास लहूलुहान हालत में मिला। इस हत्याकांड के बाद कानपुर में तनाव और भारी आक्रोश का माहौल है। परिजनों का सीधा आरोप गांव के ही दूसरे समुदाय के युवकों पर है, जिनसे पैसों का विवाद चल रहा था।
गुस्साए परिजनों ने इंसाफ की मांग को लेकर शव को उठाने से साफ इनकार कर दिया है और यूपी सरकार से अपराधियों के घरों पर सीधे ‘बुलडोजर एक्शन’ की मांग की है। आखिर ₹5000 के लिए कैसे एक हंसतेखेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी गईं।
बुधवार को हुए लापता
कानपुर के महाराजपुर में रहने वाले गोलू सिंह पेशे से डीसीएम चलाते थे। बुधवार को वो अचानक लापता हुए और उनका शव जेके ढाबा के पास मिला। जब गोलू सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो हत्यारों की हैवानियत साफ उजागर हो गई। गोलू के सिर और पूरे शरीर पर किसी भारी वस्तु से ताबड़तोड़ वार किए गए थे, जिससे उनके सिर की हड्डियां तक टूट चुकी थीं।
दूसरे समुदाय के युवकों से लिए थे 5,000 रुपए
मृतक की मां प्रेमा और पत्नी लक्ष्मी का रोरोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के ही दूसरे समुदाय के कुछ युवकों पर गोलू के 5 हजार रुपए बाकी थे। जब गोलू ने अपने हक के पैसे मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी और बुधवार को मौका पाकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया
परिजनों की मांगआरोपियों पर हो बुलडोजर कार्रवाई
इस घटना के बाद से हाथीपुर गांव में भारी तनाव व्याप्त है। पीड़ित परिवार इस बात पर अड़ा है कि जब तक हत्यारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और उनके घरों पर बुलडोजर नहीं चलेगा, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मां का कहना है कि जैसे गाजियाबाद समेत अन्य शहरों में 24 घंटे में बुलडोजर ऐक्शन हुआ, वैसा ही न्याय उन्हें भी चाहिए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आशुतोष सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नामजद एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है और बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस जल्द ही इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा करने का दावा कर रही है।
महज 5 हजार रुपए के विवाद में किसी की जान ले लेना और वो भी इतनी बेरहमी से, यह दिखाता है कि अपराधियों के भीतर कानून का खौफ खत्म हो चुका है। अब देखना यह होगा कि कानपुर पुलिस और प्रशासन पीड़ित परिवार की की मांग और त्वरित न्याय के भरोसे पर कितनी जल्दी खरा उतरता है।
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