Quick Samachar: इस वक्त यीस्ट प्रोटीन की काफी मांग बढ़ गई है और कई कंपनियां भी इस प्रोटीन को लॉन्च कर चुकी हैं और बड़ी मात्रा में ये मार्केट में उपलब्ध है. इससे पहले लोगों में व्हे प्रोटीन बेहद पॉपुलर हुआ जो डेयरी बेस्ड है. इसे मसल्स की रिकवरी और अमीनो एसिड्स की पूर्ति के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड प्रोटीन माना जाता है. यीस्ट प्रोटीन इससे बिल्कुल अलग है. ये फर्मेंटेशन के फार्मूला से तैयार किया जाता है. इसे वीगन लोग भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं. यीस्ट प्रोटीन उन लोगों के लिए भी सही रहता है जिन लोगों को डेयरी प्रोडक्ट को पचाने में परेशानी होती है.

व्हे से कितना अलग है यीस्ट प्रोटीन? इसे डाइट में शामिल करते हुए इन बातों का रखें ध्यान​

यीस्ट प्रोटीन प्लांट पर बेस्ड प्रोटीन है. इससे शरीर के लिए आवश्यक पूरे 9 अमीनो एसिड्स भी मिल जाते हैं. इसके अलावा ये पचाने में काफी आसान होता है. इसमें ग्लूटेन, सोया, डेयरी लैक्टोज भी नहीं होते हैं, जिससे एलर्जी होने की संभावना भी कम रहती है. इसी वजह से ये लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है.

यीस्ट प्रोटीन पाउडर

यीस्ट पाउडर को बनाने के लिए सबसे पहले हाईक्वालिटी सैकरोमाइसीज सेरेविसी को चुना जाता है फिर बड़े कंटेनरों में पोषक तत्वों के साथ फर्मेंटेशन से प्रोटीनयुक्त बायोमास तैयार करते हैं. यीस्ट कोशिकाओं की अशुद्धियों को हटाने के बाद तीन से चार प्रोसेस से गुजरने के बाद कोशिका वॉल के तोड़कर शुद्ध प्रोटीन निकालते हैं और सुखाने के बाद पाउडर के रूप में तैयार करते हैं.

व्हे प्रोटीन पाउडर

व्हे प्रोटीन पाउडर को तैयार करने के लिए सबसे पहले दूध को पॉइस्चराइज किया जाता है ताकि इसके बैक्टीरिया निकल जाएं. इसमें एंजाइम मिलाते हैं ताकि लिक्विड व्हे को अलग किया जा सके. इसके बाद इसे फिल्टर से निकालते हैं ताकि एक्स्ट्रा फैट और कार्बोहाइड्रेट्स, लैक्टोज अलग हो जाएं. शुद्ध किए गए प्रोटीन लिक्विड को गर्म चैंबर में सुकाते हैं और इससे प्रोटीन बारीक पाउडर के रूप में अलग हो जाता है. लास्ट में इसे चेक करने के बाद कोकोआ और वनीला जैसे फ्लेवर और कुछ प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं. इसके बाद इसे डिब्बों में पैक किया जाता है.

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क्या है बेस्ट?

व्हे और यीस्ट दोनों ही प्रोटीन के बेहतरीन ऑप्शन हैं, लेकिन आपकी बॉडी की जरूरत क्या कहती है. उसके हिसाब से आप अपने लिए दोनों में से कोई एक प्रोटीन चुन सकते हैं जो आपके लिए बेस्ट रहेगा. जैसे वीगन डाइट फॉलो करते हैं तो यीस्ट प्रोटीन ले सकते हैं. यीस्ट का स्वाद थोड़ा मिट्टी जैसा लग सकता है, लेकिन व्हे प्रोटीन स्वाद में बेहतर होता है, क्योंकि इसमें कोकोआ से लेकर वनीला जैसे फ्लेवर आते हैं. अगर आपको डेयरी प्रोडक्ट लेने के बाद गैस, दर्द, ब्लोटिंग होती है तो यीस्ट प्रोटीन चुन सकते हैं.

डाइट में कैसे शामिल करें यीस्ट प्रोटीन?

आप यीस्ट पाउडर को ओटमील, सूप, डोसा के घोल, पैनकेक, कुकीज, एनर्जी बार बनाने में यूज कर सकते हैं. इसके अलावा आप स्मूदी और शेक में भी यीस्ट प्रोटीन मिला सकते हैं. बस इसे ब्लेंड करें और एंजॉय करें. पोस्ट वर्कआउट के बाद आप इसे पानी में मिलाकर ले सकते हैं. सबसे जरूरी चीज है कि एक दिन में आपको अपने शरीर के हिसाब से प्रोटीन की कितनी मात्रा लेनी चाहिए, इसके लिए आपको एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए.