Quick Samachar: Ayodhya Chaurasi Kosi Parikrama: अयोध्या में भगवान् राम के मंदिर में एक तरफ जहां श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी को लेकर घमासान मचा हुआ है, और जिसने भारतीय जनता पार्टी को बैकफुट पर खड़ा कर दिया है। उसी भगवान राम की नगरी में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए योगी सरकार द्वारा चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित छह प्रमुख आश्रमों का व्यापक विकास कार्य पूरा हो गया है। इससे तीर्थयात्रियों को बेहतर ठहराव, खानपान और पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।

Ayodhya: चढ़ावा चोरी विवाद के बीच योगी सरकार का बड़ा फैसला, चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग का बदला पूरा स्वरूप​
Ayodhya: चढ़ावा चोरी विवाद के बीच योगी सरकार का बड़ा फैसला, चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग का बदला पूरा स्वरूप​

पर्यटन विभाग की पहल पर 20।64 करोड़ रुपये की लागत से इन आश्रमों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आरामदायक विश्राम, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और स्थानीय व्यंजनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही इंटरप्रिटेशन वॉल के माध्यम से भक्तों को इन पावन स्थलों के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी।

परिक्रमा मार्ग की इस परियोजना के तहत श्रवण कुमार आश्रम, आस्तिक आश्रम, ऋषि च्यवन आश्रम, मेधा ऋषि आश्रम, श्री बन्धू बाबा आश्रम और महर्षि बामदेव आश्रम में व्यापक निर्माण कार्य किया गया। इन स्थलों पर विश्राम गृह, शौचालय, पीने के पानी की सुविधा, खानपान की दुकानें, स्तंभ, प्रवेश द्वार, साइनेजेस तथा सीटिंग इंटरप्रिटेशन वॉल का निर्माण पूरा किया गया है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा यह कार्य 30 मई 2023 को शुरू किया गया था। यूपी प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड अयोध्या के परियोजना प्रबंधक मनोज शर्मा ने बताया कि परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।

पर्यटन हब के रूप में विकसित होगी अयोध्या

गौरतलब है कि राम मंदिर निर्माण के बाद आसपास के क्षेत्रों का विकास, सड़कें, रोशनी, स्वच्छता और अब चौरासी कोसी मार्ग पर आश्रमों का नवीनीकरण आदि में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पर्यटन विभाग का लक्ष्य है कि अयोध्या न केवल धार्मिक केंद्र बने बल्कि एक समृद्ध सांस्कृतिक और पर्यटन हब के रूप में भी विकसित हो। श्रद्धालु अब इन आश्रमों में रुककर परिक्रमा पथ की यात्रा को और अधिक सुखद बना सकेंगे। श्रद्धालुओं का कहना है कि आस्था के साथ अब सुविधा भी जुड़ गई है, जिससे रामलला की नगरी में आने का उत्साह और बढ़ गया है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह विकास कार्य धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान करेगा।

अयोध्या धाम पहले से ही राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, नया घाट और अन्य पावन स्थलों के कारण देशविदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। ऐसे में चौरासी कोसी यात्रा पथ का विकास इन आश्रमों को और अधिक आकर्षक बनाएगा। यात्रियों को अब लंबी यात्रा के दौरान थकान महसूस होने पर इन आश्रमों में रुककर आराम करने और अपनी आस्था को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

आश्रमों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

इन आश्रमों में निर्मित संरचनाएं पर्यावरण अनुकूल और पर्यटकअनुकूल हैं। सुंदर प्रवेश द्वार, मजबूत स्तंभ, आकर्षक साइनेज और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था यात्रियों के अनुभव को यादगार बनाएगी। खानपान की दुकानों में स्थानीय और सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई है, जिससे तीर्थयात्रियों को शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन मिल सकेगा। शौचालय और पेयजल की सुविधाएं स्वच्छता के उच्च मानकों पर आधारित हैं।

महर्षि बामदेव आश्रम, श्रवण कुमार आश्रम जैसे पावन स्थलों का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है। जहां पहले बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहां अब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। यह विकास न केवल श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। दुकानदारों, गाइड्स और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

राम मंदिर चंदा विवाद

बताते चलें कि विगत दो सप्ताह से में चढ़ावे की चोरी की जांच के लिए मंदिर ट्रस्ट के कहने पर योगी सरकार द्वारा राजधानी लखनऊ के मंडल कमिश्नर विजय विश्वास पन्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। और टीम ने अयोध्या में बीते पांच दिनों से डेरा डाला हुआ है। और राम मंदिर में चोरी को लेकर तमाम खबरें आम हो रही हैं जिसकी चर्चा श्रद्धालुओं में भी देखी सुनी जा सकती है। ऐसे में योगी सरकार के पर्यटन विभाग विभाग द्वारा पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुख सुविधा के लिए उठाया गया यह कदम थोडा राहत का काम करेगा।

फिलहाल मंदिर में चोरी की जांच जारी है खुद ने भी लोगों से SIT पर भरोसा और 15 दिन इन्तजार करने की अपील कर दूध का दूध पानी का पानी होने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने अपील भी किया कि मंदिर में चोरी सम्बन्धी जिसके पास जो भी जानकारी हो SIT के समक्ष उसको साझा कर सकती है। लेकिन SIT टीम द्वारा इसके लिए खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार का नंबर अथवा अन्य किसी माध्यम को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

अयोध्या से राजेश मिश्रा की रिपोर्ट…