Quick Samachar: शेयर बाजार के उतारचढ़ाव वाले माहौल में हर समझदार निवेशक एक सुरक्षित और मुनाफेदार ठिकाने की तलाश में रहता है. बाजार में सुरक्षित निवेश का सबसे बड़ा नियम यही माना जाता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हो और उस पर कर्ज का बोझ न के बराबर हो. ऐसे दौर में जब कुछ चुनिंदा शेयर अपनी वास्तविक कीमत यानी ‘बुक वैल्यू’ से भी नीचे मिल रहे हों, तो निवेशकों का ध्यान उनकी तरफ जाना लाजिमी है. भारतीय शेयर बाजार में इस समय GIC Re, ONGC और Tata Chemicals जैसे तीन ऐसे बड़े नाम मौजूद हैं, जिनकी बैलेंस शीट बेहद मजबूत है. इन तीनों ही कंपनियों का डेटटूइक्विटी रेशियो 0.5 से कम है और ये अपने बुक वैल्यू के डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं.

बुक वैल्यू, कम कर्ज का गणित समझना क्यों जरूरी है?
शेयर बाजार की पेचीदगियों को समझने के लिए सबसे पहले दो बुनियादी पैमानों को जानना जरूरी है. पहला है बुक वैल्यू, जो किसी कंपनी की कुल संपत्तियों में से उसकी देनदारियों को घटाने के बाद बची हुई वास्तविक नेटवर्थ को दर्शाती है. आसान शब्दों में कहें तो यह कंपनी की असली तिजोरी की कीमत है. अगर कोई शेयर अपनी बुक वैल्यू से नीचे मिल रहा है, तो माना जाता है कि वह वैल्यूएशन के लिहाज से बेहद आकर्षक स्तर पर है.
दूसरा पैमाना है डेटटूइक्विटी रेशियो , जो यह बताता है कि कंपनी अपना कारोबार चलाने के लिए बाजार से कितना कर्ज उठा रही है. 0.5 से कम का रेशियो यह साफ संकेत देता है कि कंपनी कर्ज के जाल से कोसों दूर है और उसकी आर्थिक सेहत बेहद शानदार है.
1 GIC Re
जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी GIC Re रीइंश्योरेंस के क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनी है. इस सरकारी दिग्गज का कुल मार्केट कैप करीब 65,106 करोड़ रुपये है. इस कंपनी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसका डेटटूइक्विटी रेशियो बिल्कुल शून्य है, जिसका सीधा मतलब है कि यह पूरी तरह से कर्ज मुक्त कंपनी है.
वैल्यूएशन पर नजर डालें तो इस शेयर की वास्तविक बुक वैल्यू 402 रुपये प्रति शेयर है, जबकि बाजार में यह महज 371 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था. बीती 22 जून के कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 0.27 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए 369 रुपये पर बंद हुआ था. लंबी अवधि के लिहाज से देखें तो इस कंपनी ने पिछले पांच सालों में अपने निवेशकों को 84 फीसदी का बेहतरीन रिटर्न दिया है.
2 ONGC
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन भारत के ऊर्जा क्षेत्र का एक बहुत बड़ा नाम है. करीब 3,11,173 करोड़ रुपये के विशाल मार्केट कैप वाली यह सरकारी कंपनी देश की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक है. वित्तीय मजबूती के मामले में इसका डेटटूइक्विटी रेशियो महज 0.47 है, जो इसे सुरक्षित श्रेणी में खड़ा करता है.
ONGC की बुक वैल्यू 296 रुपये प्रति शेयर है, लेकिन निवेशकों के लिए आकर्षण की बात यह है कि इसका शेयर लगभग 247 रुपये के भाव पर उपलब्ध है. 22 जून को मामूली 0.37 फीसदी की गिरावट के साथ यह शेयर 245 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस शेयर ने पिछले पांच वर्षों में निवेशकों के पैसे को दोगुना करते हुए पूरा 100 फीसदी का रिटर्न कमा कर दिया है.
3 Tata Chemicals
टाटा समूह की कंपनियों पर निवेशकों का भरोसा हमेशा से अटूट रहा है. इस फेहरिस्त में तीसरा नाम टाटा केमिकल्स का है, जिसके शेयरों में इस समय अपनी बुक वैल्यू के मुकाबले सबसे बड़ा डिस्काउंट देखने को मिल रहा है. कंपनी का कुल मार्केट कैप करीब 18,651 करोड़ रुपये है.
टाटा केमिकल्स की बुक वैल्यू जहां 832 रुपये प्रति शेयर है, वहीं बाजार में इसका स्टॉक लगभग 732 रुपये पर कारोबार कर रहा था. 22 जून को बाजार की हलचल के बीच यह शेयर 0.34 फीसदी की सुस्ती के साथ 726 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का डेटटूइक्विटी रेशियो 0.38 है, जो यह साबित करता है कि मजबूत पैरेंटेज के साथसाथ कंपनी आंतरिक रूप से भी वित्तीय मोर्चे पर पूरी तरह सुरक्षित है.
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