Quick Samachar: दिल्ली में रोजाना ट्रैफिक जाम से जूझने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार और कई बार की देरी के बाद बारापुल्ला फेज3 फ्लाईओवर प्रोजेक्ट अब लगभग पूरा हो चुका है। अधिकारियों की योजना है कि इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर को 30 जून तक आम जनता के लिए खोल दिया जाए। इसके शुरू होने से पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली के बीच सफर न सिर्फ आसान होगा, बल्कि यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा।

करीब 11 साल पहले इस परियोजना को मंजूरी मिली थी। हालांकि भूमि अधिग्रहण, तकनीकी चुनौतियों और अन्य कारणों से इसका काम निर्धारित समय से काफी पीछे चला गया। अब निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अधिकारियों की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।
मयूर विहार से एम्स तक का सफर होगा आसान
बारापुल्ला फेज3 फ्लाईओवर की लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर है, लेकिन इसका प्रभाव दिल्ली के बड़े हिस्से पर देखने को मिलेगा। इसके चालू होने के बाद मयूर विहार से एम्स अस्पताल तक लगभग 9 किलोमीटर का सफर महज 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
वर्तमान में पूर्वी दिल्ली से पश्चिमी दिल्ली जाने के लिए लोगों को रिंग रोड या नई दिल्ली के कई व्यस्त मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। नया फ्लाईओवर इस समस्या को काफी हद तक कम करेगा और यात्रियों को एक सीधा एवं तेज मार्ग उपलब्ध कराएगा।
ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में आएगी कमी
इस कॉरिडोर के शुरू होने से सराय काले खां, मयूर विहार, एनएच24, डीएनडी फ्लाईवे और रिंग रोड के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैफिक का दबाव कम होने से वाहनों की ईंधन खपत घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
इस परियोजना की एक खास बात यह भी है कि इसमें साइकिल चालकों के लिए अलग लेन और पैदल यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की गई हैं। यही वजह है कि इसे दिल्ली के सबसे यात्रीअनुकूल एलिवेटेड कॉरिडोर में से एक माना जा रहा है।
बारापुल्ला फेज3 फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद हजारों दैनिक यात्रियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह परियोजना राजधानी की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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