गोंडा में निषाद समाज केकारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है. इस मामले को लेकर निषाद समाज के नेताओं के बीच भी जुबानी जंग शुरू हो गई है. बिहार के नेता और विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश साहनी भी विरोध जता रहे हैं. इस बीच निषाद पार्टी अध्यक्ष और यूपी में मंत्री संजय निषाद ने निशान साधा है.

यूपी सरकार में मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मछुआरा समाज से मौसमी नेताओं से सावधान रहने की अपील की. उन्होंने मुकेश सहनी पर हमला करते कहा कि आजादी के बाद पहली बार यूपी में मछुआरा समुदाय राजनीतिक ताकत बनकर खड़ा हुआ है. चुनाव का मौसम शुरू हो चुका है और ऐसे समय में बाहर से आने वालेनेताओं से समाज को सतर्क रहने की जरूरत है.
‘जो एक चुनाव जीतने की हैसियत नहीं रखता हो’
संजय निषाद ने अपने एक्स पोस्ट में मुकेश सहनी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘मौसमी नेता अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि वे बंबई में व्यापार करेंगे, यहां वहां घूमकर दूसरों की दरी बिछाएंगे या मछुआरा समाज के वोटों की दलाली ही करते रहेंगे, जैसे अभी अपने राज्य में किया. उन्होंने मुकेश सहनी को यूपी के निषाद समाज को गुमराह करने की राजनीति करने वाला करारा दिया.
उन्होंने कहा, ‘जो बिहार में मछुआरा समुदाय के वोटों की खरीदबिक्री के लिए बदनाम रहा हो बिहार में मछुआरों के राजनीतिक उभार को ग्रहण लगा चुका हो, जो एक विधानसभा चुनाव तक जीतने की हैसियत नहीं रखता हो वह जेब में नोटों की गड्डी रखके लाल टोपी, नीली वर्दी पहनकर यूपी के निषाद समाज को गुमराह करने की राजनीति करने निकला है.’
‘मछुआरा समुदाय पैसों पर बिकने वाली कौम नहीं’
यूपी सरकार में NDA के सहयोगी संजय निषाद ने कहा किमछुआरा समुदाय पैसों पर बिकने वाली कौम नहीं है. यूपी के मछुआरों को राजनीति सिखाने से पहले यह जानना आवश्यक है कि राजनीति उनके खून में है.मछुआरा गरीब भले ही हैं लेकिन गद्दार पुत्र नहीं है. अंग्रेजों मुगलों से लड़ने वाला है, उन्हें मौत का घाट उतारने वाला, देश को आजाद करने वाला, संविधान लिखवाने वाला है.
उन्होंने आगे कहा, ‘मछुआरा समाज संविधान में आरक्षण भी लिखवाने वाला है. कुछ ना समझ लोगों की वजह से आरक्षण लूट गया और लूट रहा है. समाज को एक नहीं होने दे रहे है. यह केवट मल्लाह बिंद कश्यप में भेद कर रहे है. जो भी दूसरे दलों से पैसा लेकर समाज में पैसा देगा बिकाऊ पीआऊ का लेबल लगि रहा है सही मायने में गद्दार पुत्र है.’
मुकेश सहनी के निर्देश पर लखनऊ में कैंडल मार्च
विनोद साहनी हत्याकांड के विरोध में VIP पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में कैंडल मार्च निकाला. गांधी प्रतिमा से सरदार पटेल प्रतिमा तक निकाले गए मार्च में कार्यकर्ताओं ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और विनोद साहनी के परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की. मुकेश सहनी भी विनोद को अपने पार्टी का कार्यकर्ता बता रहे हैं और आरोपियों की एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं.
वहीं, डॉ. संजय निषाद उसे अपने पार्टी का जिला प्रचारक बता रहे हैं. उन्होंने 10 सितंबर को विनोद साहनी की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और धरने पर भी बैठे थे. 11 सितंबर को विनोद का शव गोंडा पहुंचने के बाद मंत्री जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में धरने पर बैठे. उन्होंने विनोद को न्याय दिलाने की मांग की. साथ ही बताया कि सरकार मामले में गंभीरता के कार्रवाई कर रही है.
दुकान से लौटते समय चाकूओं से ताबड़तोड़ हमला
गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र में बर्तन व्यवसायी विनोद कुमार साहनी की 9 सितंबर 2026 की रात निर्मम हत्या कर दी गई थी. वह शाहपुर धनोवा इलाके में बर्तन की दुकान चलाते थे. 9 सितंबर 2026 की रात करीब 10:30 बजे जब वह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तब रास्ते में कार सवार कुछ दबंगों ने उन्हें रोका और ताबड़तोड़ चाकूओं से हमला कर दिया
विनोद हमले के बाद वही जमीन पर पड़े थे. सूचना पर पुलिस ने गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने विनोद को KGMU रेफर कर दिया. KGMU में इलाज के दौरान विनोद की मौत हो गई. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पुलिस ने मामले में अबतकमुख्य आरोपी शुभम सिंह समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.