‘नमस्ते भारत, मेरा नाम रूवेन अजार…’ इजरायल के राजदूत ने भारत को Hindi Diwas पर कुछ यूं दी बधाई​

‘नमस्ते भारत, मेरा नाम रूवेन अजार…’ इजरायल के राजदूत ने भारत को Hindi Diwas पर कुछ यूं दी बधाई​

डिजिटल डेस्क लखनऊ। हिंदी दिवस के मौके पर भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने हिंदी कुछ यूं बधाई दी, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने हिंदी में भारतवासियों को बधाई दी और बताया कि भारत आने के बाद उन्होंने हिंदी सीखना शुरू किया था।

वीडियो में रूवेन अजार ने कहा, “नमस्ते भारत, मेरा नाम रूवेन अजार है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। मैं भारत में इजरायल का राजदूत हूं। जब मैं दो साल पहले भारत आया था, उस समय मैंने हिंदी सीखनी शुरू की थी। आज दो साल बाद मैं आप सबको हिंदी दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता हूं।”

वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि “दो पुरानी भाषाएं, जो आज भी जिंदा हैं।” साथ ही इजरायल की ओर से सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं।

https://twitter.com/ReuvenAzar/status/2099310753220342169?s=20

हर साल 14 सितंबर को क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस?

भारत में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा के महत्व को समझाने और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। सरकारी कामकाज, शिक्षा और दूसरे क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से इस मौके पर देशभर में अलगअलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

14 सितंबर का हिंदी दिवस से क्या है संबंध?

हिंदी दिवस की तारीख का संबंध संविधान सभा के एक ऐतिहासिक फैसले से है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी फैसले की याद में हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।

हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में अपनाए जाने के बाद सरकारी कामकाज में इसके इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया गया। समय के साथ प्रशासन के अलावा शिक्षा, साहित्य, मीडिया और जनसंचार जैसे क्षेत्रों में भी हिंदी का प्रयोग बढ़ा।

क्या हिंदी भारत की ‘राष्ट्रीय भाषा’ है?

हिंदी को लेकर एक सवाल अक्सर चर्चा में रहता है—क्या हिंदी भारत की राष्ट्रीय भाषा है? संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा बताया गया है।

इसका अर्थ यह है कि संविधान में हिंदी को भारत की “राष्ट्रीय भाषा” नहीं कहा गया है। भारत की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए संविधान में हिंदी के साथ अन्य भाषाओं से जुड़े भी अलगअलग प्रावधान किए गए हैं।

हिंदी दिवस पर राजदूत का संदेश क्यों खास?

हिंदी दिवस पर इजरायल के राजदूत का हिंदी में संदेश केवल शुभकामना तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने वीडियो में यह भी बताया कि भारत आने के बाद उन्होंने हिंदी सीखनी शुरू की और दो साल बाद हिंदी में लोगों को संबोधित किया। उनके इस संदेश ने हिंदी दिवस के मौके पर भाषाई और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक अलग पहलू सामने रखा।

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