​​​UP Crime: मनोकामना पूरी नहीं हुई तो अनुष्ठान करने वाले पुजारी को ही उठा लिया; 1 लाख की फिरौती मांगी, पर एक गलती से चढ़ गए पुलिस के हत्थे!

​​​UP Crime: मनोकामना पूरी नहीं हुई तो अनुष्ठान करने वाले पुजारी को ही उठा लिया; 1 लाख की फिरौती मांगी, पर एक गलती से चढ़ गए पुलिस के हत्थे!
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Noida Priest Hostage Jaunpur Extortion Case: नए दौर में पूजा, अनुष्ठान और आध्यात्म का स्वरूप ही बदलता जा रहा है. लोग भगवान की पूजा-आराधना करते थे ताकि मानसिक शांति और सुख-समृद्धि का वरदान मिल सके. लेकिन बदले में आशीर्वाद मिलेगा ही नहीं, या मनोकामना पूरी होगी या नहीं. इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं होता था. यह पूरी तरह से आस्था और कर्मों पर ही निर्भर था, लेकिन आज के बदलते दौर में जब घरों में पूजा-अनुष्ठान कराए जाते हैं तो बकायदा गारंटी ली और दी जाने लगी है. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश से जहां अनुष्ठान कराने वाले पुजारी को बंधक बनाने और उससे रंगदारी वसूलने के मामले में 2 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. बताया जा रहा है कि परिवार ने मन्नत मांगी थी और उसी के तहत घर में अनुष्ठान कराया गया लेकिन जब मनोकामना पूरी नहीं हो तो पुजारी को पकड़कर उसे बंधक बनाया और उसके घर वालों को फोन करके 1 लाख की फिरौती की डिमांड की गई.

नोएडा के पुजारी को जौनपुर में बनाया बंधक

पुलिस की शुरुआती जांच पड़ताल से सामने आया कि यूपी के नोएडा के सेक्टर-73 के सर्फाबाद गांव में रहने वाले अनिल कुमार तिवारी घरों में पूजा-अनुष्ठान कराते थे. कुछ दिन पहले उन्होंने आरोपियों के यहां भी मनोकामना पूर्ति के लिए अनुष्ठान कराया था लेकिन मनोकामना पूरी नहीं हुई, जिसके चलते आरोपियों ने अनिल कुमार तिवारी को 5 सिंतबर को जौनपुर दोबारा बुलाया. वहीं पर उन्हें बंधक बना लिया और घर वालों को फोन करके अनिल तिवारी को आजाद करने के बदले में 1 लाख रुपये की मांग की क्योंकि उनकी मोनकामना पूरी नहीं हुई थी.

जांच के दौरान सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

जैसे ही घर वालों को अनहोनी की आशंका लगी, आनन-फानन में नोएडा के सेक्टर-112 थाना पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई. स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्यवाही की और जांच-पड़ताल के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया. इसी दौरान पुलिस को 11 औौर 12 सितंबर को आरोपियों के बारे में पुख्ता सबूत मिलते हैं. पुलिस ग्राउंड पर आकर आरोपियों की तलाश करती है तो मुखिया मार्केट के करीब एक कच्चे और उबड़-खाबड़ रास्ते से 2 आरोपियों को दबोच लिया जाता है. पूछताछ के दौरान अनिल कुमार तिवारी का पता मिलता है जिसके बाद उन्हें आरोपियों की गिरफ्त से आजाद करा लिया जाता है.

पुजारी के घर वालों से मांगे थे 1 लाख

शुरुआती जांच में पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने अनिल कुमार तिवारी से अनुष्ठान कराया था लेकिन मनोकामना पूरी नहीं हुई इसलिए उन्हें बंधक बना लिया. आरोपियों की पहचान आशीष यादव उर्फ बाबा और प्रवेश यादव उर्फ गोरे के तौर पर की गई है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उस कच्चे रास्ते पर आरोपी पैसे वसूलने ही आए थे लेकिन पुलिस की नजर पड़ते ही धर लिया गया. आरोपियों की तलाशी ली गई तो उनके पास से तमंचा, 2 जिंदा कारतूस और चाकू भी बरामद किए गए. हालांकि पुलिस को शक है कि वारदात के पीछे कहीं कोई और तो कारण नहीं है. इसलिए दूसरे एंगल से भी मामले की जांच की जा रही है.

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