Puja Ghar Me Shankh Rakhne Ke Niyam: हिन्दू धर्म में शंख को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। इसलिए हरेक पूजा-पाठ, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों में शंख का उपयोग सदियों से होता आ रहा है। शंख न केवल एक पवित्र वस्तु है, बल्कि इसे सकारात्मक ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत भी माना जाता है।

लेकिन कई लोग अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे शंख के शुभ प्रभाव कम हो जाते है। ऐसे में आइए जानते हैं शंख रखने की सही दिशा, नियम और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
Shankh Rakhne Ke Niyam शंख रखने की क्या हैं सही दिशा
वास्तु एवं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रखने के लिए सही दिशा का चुनाव बहुत सावधानी से करना चाहिए। शंख को हमेशा ‘ईशान कोण’ (उत्तर-पूर्व दिशा) में रखना सबसे शुभ माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र और वास्तु नियमों के अनुसार, ईशान कोण सबसे पवित्र दिशा है क्योंकि यहां देवी-देवताओं का वास होता है। इसी दिशा में भगवान विष्णु की उपस्थिति भी मानी जाती है, इसलिए शंख को यहां रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
किस दिशा में न रखें शंख
जहां सही दिशा लाभ देती है। वहीं, गलत दिशा नुकसान का कारण बन सकती है। वास्तु के नियमों के मुताबिक, शंख को कभी भी घर या मंदिर की दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दक्षिण दिशा (South Direction) में शंख रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का संचार बढ़ सकता है, जो डालता है।
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साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
अक्सर लोग मंदिर में शंख रख तो देते हैं, लेकिन उसकी सफाई की अनदेखी कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शंख की पवित्रता बनाए रखने के लिए समय-समय पर इसकी सफाई अनिवार्य है। हफ्ते में कम से कम एक बार शंख को गंगाजल से साफ करना चाहिए। अगर गंगाजल उपलब्ध न हो, तो साफ ताजे पानी का उपयोग भी किया जा सकता है।
शंख रखने और बजाने के फायदे
घर में शंख की मौजूदगी मात्र से कई वास्तु दोष अपने आप समाप्त हो जाते हैं। जब भी शंख बजाया जाता है, तो इसकी ध्वनि से निकलने वाली तरंगें वातावरण से नकारात्मकता को दूर करती हैं और मन को शांति प्रदान करती हैं। नियमित रूप से शंख बजाने से माता लक्ष्मी का घर में स्थाई वास होता है और परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है।
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