मेरठ जेल में बंद मुस्कान का व्यवहार इन दिनों पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है. महिला बंदियों से वह कह रही है कि दुनियादारी सब मोह-माया है, इंसान का असली सहारा सिर्फ ईश्वर ही है. बताया जा रहा है कि मुस्कान अब भक्ति के रंग में पूरी तरह रंग चुकी है. इस दौरान वह करीब दिन के सात घंटे भक्ति और भगवान की साधना में व्यतीत कर रही है. ऐसा माना जा रहा है कि मुस्कान भजनमाला, सत्संग और धार्मिक चर्चाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है.

7 घंटे पूजा-पाठ, दिन-रात माला का जाप… जेल में बदला नीले ड्रम वाली ‘मुस्कान’ का रंग, नेल पॉलिश बनी चर्चा
7 घंटे पूजा-पाठ, दिन-रात माला का जाप… जेल में बदला नीले ड्रम वाली ‘मुस्कान’ का रंग, नेल पॉलिश बनी चर्चा

पिछले 13 महीनों में उससे मिलने कोई मुलाकाती नहीं पहुंचा. ऐसे में उसने खुद को पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों में लगा लिया है. वह 24 घंटे में करीब 7 घंटे ईश्वर भक्ति में बिताती है. दिन-रात रुद्राक्ष की माला का जाप कर रही है. मुस्कान का कहना है कि ईश्वर ही इंसान की मदद करता है, हर मुश्किल घड़ी में ईश्वर साथ देता है. इंसान का असली सहारा भगवान ही है.

भगवान शिव की भक्ति में लीन मुस्कान

जेल के अंदर मुस्कान भजनमाला, सत्संग और धार्मिक चर्चाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है. बताया जा रहा है कि वह नित्य भगवान शिव की स्तुति करती है और सुंदरकांड व श्रीरामायण का पाठ भी नियमित रूप से कर रही है. ड्रग्स छोड़ने के बाद अब मुस्कान पर भक्ति का नशा चढ़ गया है. बयान-ए-मुल्जिम से पहले वह एंजाइटी में थी, लेकिन बयान देने के बाद अब राहत में दिखाई दे रही है.

13 महीने से कोई मिलने नहीं गया

वहीं, सह-अभियुक्त साहिल खुद को खेती-बाड़ी के काम में व्यस्त रखे हुए है. मुस्कान अन्य महिला बंदियों से भी लगातार चर्चा करती रहती है, जिससे 13 महीने बाद उसका किरदार जेल में काफी रोचक माना जा रहा है. गौरतलब है कि मुस्कान अपने पति सौरभ की हत्या के मामले में प्रेमी साहिल के साथ मेरठ जेल में बंद है. पति द्वारा अवैध संबंधों का विरोध करने पर दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और शव के टुकड़े कर सीमेंट के ड्रम में पैक कर दिया.