भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की कमाई और टैक्स को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। अब बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इससे जुड़ा एक बड़ा आंकड़ा सामने रखा है। 18 सितंबर को हुई BCCI की 95वीं वार्षिक आम बैठक के बाद सैकिया ने बताया कि बोर्ड हर साल औसतन करीब 3,000 करोड़ रुपये इनकम टैक्स के रूप में सरकार को देता है।

हर साल औसतन 3000 करोड़ रुपये का टैक्स
देवजीत सैकिया के मुताबिक BCCI की ओर से हर साल औसतन लगभग 3,000 करोड़ रुपये इनकम टैक्स के तौर पर चुकाए जाते हैं। यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब बोर्ड की टैक्स व्यवस्था और सरकारी नियमों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सैकिया के बयान के बाद BCCI ने यह साफ करने की कोशिश की है कि बोर्ड को टैक्स से पूरी तरह छूट हासिल नहीं है।
BCCI की आय का बड़ा हिस्सा मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप, ब्रॉडकास्टिंग, टिकट बिक्री और दूसरे व्यावसायिक स्रोतों से आता है। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक बोर्ड सरकारी आर्थिक मदद पर निर्भर नहीं है और अपनी गतिविधियों के लिए खुद राजस्व जुटाता है।
स्पोर्ट्स एक्ट को लेकर भी साफ किया रुख
टैक्स के साथ BCCI की AGM में नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट को लेकर भी चर्चा हुई। सैकिया ने कहा कि बोर्ड का रुख स्पष्ट है और संबंधित प्राधिकरणों की ओर से जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही क्रिकेट को इस कानून के तहत ‘नामित खेल’ बनाए जाने की अधिसूचना जारी होगी। इसके बाद BCCI नए नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाएगा।
सरकारी मदद के बजाय टैक्स भुगतान पर जोर
BCCI की ओर से यह आंकड़ा ऐसे वक्त सामने आया है, जब दूसरे खेल संगठनों को मिलने वाली सरकारी मदद और बोर्ड की वित्तीय स्थिति पर बहस चल रही है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। सैकिया ने बताया कि BCCI औसतन 3,000 करोड़ रुपये सालाना इनकम टैक्स देता है। हालांकि, यह आंकड़ा BCCI सचिव द्वारा बताया गया औसत है, किसी एक वित्त वर्ष के आधिकारिक टैक्स भुगतान का अलगअलग विवरण नहीं।