भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म होने वाला है और अब रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने खुद बीसीसीआई को बता दिया है कि वह इसके बाद इस पद पर बने नहीं रहना चाहते।

यानी फिलहाल मामला बोर्ड की ओर से हटाए जाने का नहीं, बल्कि अगरकर की अपनी इच्छा का बताया जा रहा है। हालांकि, बीसीसीआई ने अभी उनके जाने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
फरवरी में ही बीसीसीआई को दे दिया था संकेत
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर ने फरवरी में ही बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों से इस बारे में बातचीत की थी। उन्होंने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद विकल्प तलाशने के लिए बोर्ड को संकेत दिया था। अब उन्होंने दोबारा अपनी इच्छा बीसीसीआई तक पहुंचा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगरकर एक्सटेंशन लेने के इच्छुक नहीं हैं और इसी वजह से बोर्ड ने नए चीफ सेलेक्टर की तलाश शुरू करने की तैयारी कर ली है।
अगरकर जुलाई 2023 में भारतीय पुरुष टीम की सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष बने थे। उनके कार्यकाल में भारत ने 2024 टी20 विश्व कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी समेत कई बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल की। इस साल भी भारतीय टीम ने टी20 विश्व कप का खिताब जीता।
बीसीसीआई ने अभी नहीं किया आधिकारिक ऐलान
दिलचस्प बात यह है कि 18 सितंबर को हुई बीसीसीआई की 95वीं एजीएम में अगरकर के भविष्य पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। बैठक में बोर्ड के पदाधिकारियों को चयन समिति से जुड़े फैसले लेने का अधिकार जरूर दिया गया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने अगरकर के भविष्य पर कहा कि अभी उनके कार्यकाल में 15 दिन बाकी हैं और उचित समय पर फैसला लिया जाएगा।
इसका मतलब है कि अगरकर के पद छोड़ने की खबर सामने आने के बावजूद उनकी विदाई अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है। उनका मौजूदा कार्यकाल अक्टूबर की शुरुआत तक जारी है।
नए चीफ सेलेक्टर की तलाश होगी शुरू
अगरकर के पद पर आगे नहीं रहने की स्थिति में बीसीसीआई को नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति करनी होगी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स में पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल और मौजूदा चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा के नाम संभावित विकल्पों के तौर पर सामने आए हैं। हालांकि, बीसीसीआई ने अभी किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि अगरकर ने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद आगे नहीं बने रहने की इच्छा बोर्ड को बता दी है। अब अंतिम फैसला बीसीसीआई के स्तर पर होना बाकी है।