ओमान के पूर्वी तट के पास जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि 19 अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया. मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सूरज यादव के रूप में हुई है. सूरज की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव पहुंची, परिवार में चीखपुकार मच गई. मां का रोरोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में भी शोक का माहौल है.

पुलिस के मुताबिक, जान गंवाने वाले युवक की पहचान सूरज यादव के रूप में हुई है. उसके पिता का नाम ओमप्रकाश यादव है. सूरज करमाजीपुर गांव का निवासी था. पुलिस ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.
करीब एक महीने पहले ही गया था ओमान
सूरज यादव गौरीबाजार थाना क्षेत्र के करमाजीपुर गांव का रहने वाला था. परिवार के मुताबिक, सूरज करीब एक महीना दस दिन पहले ही फ्लाइट से ओमान गया था. वह जहाज के कर्मचारियों में शामिल था और रोजगार के लिए विदेश गया था. परिवार को उम्मीद थी कि सूरज वहां काम करके अपने भविष्य को बेहतर बनाएगा, लेकिन अचानक उसकी मौत की खबर ने सभी को सदमे में डाल दिया.
सूरज चार भाइयों में सबसे बड़ा था और उसकी अभी शादी नहीं हुई थी. घर में उसके दादा, मां और तीन छोटे भाई रहते हैं. बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद मां पुष्पा देवी का रोरोकर बुरा हाल है.
पिता कुवैत में, बेटे की मौत की खबर सुनकर लौट रहे
सूरज के पिता ओम प्रकाश यादव कुवैत में रहते हैं. बेटे की मौत की जानकारी मिलने के बाद वह भी घर के लिए रवाना हो गए हैं. परिवार के अन्य सदस्यों का भी रोरोकर बुरा हाल है.
सूरज के छोटे भाई सन्नी यादव कक्षा 10 में पढ़ते हैं, जबकि साहिल यादव कक्षा 9 के छात्र हैं. तीसरा भाई भी अभी पढ़ाई कर रहा है. परिवार में सूरज सबसे बड़ा बेटा था. उसकी मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
चाचा बोले शव जल्द घर लाया जाए
सूरज के चाचा अवधेश यादव ने बताया कि सूरज करीब एक महीने पहले ही कमाने के लिए ओमान गया था. परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी उसकी मौत की खबर सामने आएगी.
उन्होंने सरकार से मांग की कि सूरज का शव जल्द से जल्द गांव लाया जाए, ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में विदेश जाते हैं. ऐसे में विदेश में काम करने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए.
बेटे की मौत से बेसुध हुई मां
सूरज की मां पुष्पा देवी को जैसे ही बेटे की मौत की जानकारी मिली, वह सदमे में चली गईं. परिजनों के मुताबिक, खबर सुनने के बाद वह लगातार रोती रहीं और कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थीं.
सूरज की मौत के बाद करमाजीपुर गांव में भी शोक की लहर है. परिवार के घर पर आसपास के लोग पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं. अब परिवार की नजर सूरज के शव को भारत लाने की प्रक्रिया पर टिकी है.